यूरोप जाने वाले हवाई किराए में गिरावट देखने को मिल रही है लेकिन यात्रियों की मांग भी उसी रफ्तार से घट रही है. कई एयरलाइंस और ट्रैवल बुकिंग प्लेटफॉर्म्स ने प्रमुख यूरोपीय रूट्स पर एयरफेयर में भारी कमी की पुष्टि की है. इसके बावजूद छुट्टियां मनाने वाले यात्री, यहां तक कि यूएई में रहने वाले भी, फिलहाल यूरोप की यात्रा को लेकर हिचक रहे हैं.

यह समय आमतौर पर यूरोप घूमने का सबसे व्यस्त मौसम होता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए सीटें भरना चुनौती बन गया है. यूएई जैसे देशों में रहने वाले यात्री, जहां से यूरोप यात्रा आमतौर पर काफी लोकप्रिय रहती है, अब भी लास्ट मिनट डील्स के पीछे भागने की बजाय सोचने को मजबूर हो रहे हैं.

यूएई से यूरोप यात्रा में कई रूकावट

यूरोप के लिए हवाई किराए तेजी से गिर रहे हैं, लेकिन यूएई के यात्री अब भी बुकिंग को लेकर सतर्क बने हुए हैं. इसका एक बड़ा कारण है — शेंगेन वीज़ा अपॉइंटमेंट्स में लगातार देरी.

  • फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्ज़रलैंड जैसे प्रमुख यूरोपीय देशों के वीज़ा अपॉइंटमेंट्स सप्ताहों या महीनों तक पूरी तरह बुक हो चुके हैं.

  • ऐसे में गर्मी की छुट्टियों के लिए समय पर वीज़ा प्राप्त करना लगभग असंभव हो गया है.

  • कई यूएई निवासी समय पर स्लॉट न मिलने के कारण यात्रा की योजना ही टाल रहे हैं.

सिर्फ वीज़ा देरी ही नहीं — और भी हैं कारण:

  1. क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा चिंताएं:

    • मिडिल ईस्ट की राजनीतिक स्थिति (जैसे ईरान-इज़राइल तनाव) के कारण लोग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर सतर्क हो गए हैं.

  2. लॉजिस्टिक्स की अनिश्चितता:

    • उड़ानों में बदलाव, री-रूटिंग, एयरस्पेस क्लोजर जैसी समस्याएं यात्रा की योजना बनाना मुश्किल बना रही हैं.

  3. महंगे ऑन-ग्राउंड खर्च:

    • भले टिकट सस्ते हो गए हों, लेकिन यूरोप में होटल, खाना और परिवहन महंगे हैं, जिससे कुल खर्च बहुत ज़्यादा हो सकता है.

ट्रैवल कंसल्टेंट ने बताया कई यूएई यात्री यूरोप जाने को बेताब हैं, लेकिन लंबी वीज़ा अपॉइंटमेंट प्रतीक्षा से बेहद निराश हैं. यहां तक कि जिनके पास पहले से कन्फर्म एयर टिकट हैं, वे भी अपनी यात्राएं रद्द या स्थगित कर रहे हैं.

. वीज़ा अपॉइंटमेंट की देरी

  • शेंगेन ज़ोन में प्रवेश के लिए ज़रूरी वीज़ा अपॉइंटमेंट्स की उपलब्धता बेहद सीमित है.

  • फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों के लिए यूएई में सप्ताहों या महीनों तक कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं.

  • इससे यात्रियों को समय पर यात्रा दस्तावेज़ नहीं मिल पा रहे हैं — और वे मजबूरी में टिकट कैंसिल कर रहे हैं.

2. भू-राजनीतिक तनाव के कारण उड़ानों में व्यवधान

  • ईरान-इज़राइल संघर्ष और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते कई फ्लाइट्स को रूट डायवर्ट करना पड़ रहा है.

  • दुबई से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस को कुछ सेकेंडरी रूट्स कैंसिल या रीशेड्यूल करने पड़ रहे हैं.

  • यह अनिश्चितता यात्रियों को और ज्यादा असहज कर रही है — और वे यूरोप की यात्रा फिलहाल टालना बेहतर समझ रहे हैं.

पूरे यूरोप में हवाई किरायों में तेज़ गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद यात्रा की मांग भी साथ-साथ लुढ़क रही है.
हालांकि कुछ देश अलग-अलग दर से प्रभावित हैं, कुल ट्रेंड एक जैसा है: लोग अब कम उड़ रहे हैं.

जर्मनी और डेनमार्क: सबसे तेज़ गिरावट

  • इन देशों से अमेरिका की ओर जाने वाली ट्रैवल बुकिंग्स में 4.4% की गिरावट दर्ज हुई है.

  • जुलाई महीने की एडवांस बुकिंग लगभग 13% कम हो गई है.

  • नतीजतन, कई रूट्स पर एयरफेयर तेज़ी से गिरे हैं —
    उदाहरण के लिए: अटलांटा से लंदन का किराया अब 2023 की गर्मियों की तुलना में 50% से भी कम है.

यूरोपीय यूनियन में भी छुट्टियों की बुकिंग्स घटीं

  • European Travel Commission के अनुसार, पूरे EU में छुट्टियों की बुकिंग में 8% की गिरावट आई है.

  • Gen Z और युवा मिलेनियल्स ट्रैवल खर्च को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिससे लीजर ट्रैवल में मंदी दिख रही है.

 एयरलाइंस की प्रतिक्रिया:

  • Ryanair, Air France-KLM और अन्य यूरोपीय एयरलाइंस ने मांग को बढ़ाने के लिए भारी डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है.

ब्रिटेन में स्थिति थोड़ी बेहतर, लेकिन असर साफ

  • ब्रिटेन में यात्रा की दिलचस्पी बनी हुई है, लेकिन वहां भी कीमतें गिर रही हैं.

  • जैसे: एडिनबरा से न्यूयॉर्क का किराया अब £404 से भी कम में मिल रहा है,
    खासकर अगर बुकिंग मिडवीक की जाए या लो-कॉस्ट इंडायरेक्ट फ्लाइट चुनी जाए.

डील्स मिलने के बावजूद लोग सतर्क:

  • फ्लायर भले ही Skyscanner Drops या फ्लाइट अलर्ट ऐप्स से सस्ते किराए खोज रहे हों,
    लेकिन वे तुरंत बुक नहीं कर रहे — वजह:

    • वीज़ा अनिश्चितता

    • सुरक्षा चिंताएं

    • फ्लाइट रद्दीकरण या बदली हुई योजनाओं का डर

एयरफेयर विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया किराया गिरावट का कारण एयरलाइंस की बेहतर आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि यात्रियों की बढ़ती सतर्कता और अनिश्चितता है. कोविड के बाद की मानसिकता, लगातार बनी महंगाई और क्षेत्रीय अस्थिरता ने लोगों को आकस्मिक यात्रा से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है.

UAE के यात्री क्यों झिझक रहे हैं 

1. वीज़ा में देरी

  • फ्रांस, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों के लिए वीज़ा अपॉइंटमेंट कई हफ्तों तक फुल हैं.

  • कई यूएई निवासी सिर्फ इस कारण से टिकट बुक नहीं कर रहे.

2. क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा जोखिम

  • ईरान-इज़राइल तनाव और अन्य मिडिल ईस्ट घटनाक्रमों के चलते फ्लाइट्स डायवर्ट हो रही हैं.

  • इससे रूट्स अनिश्चित हो गए हैं और लास्ट-मिनट कैंसिलेशन या रीशेड्यूलिंग की आशंका बढ़ गई है.

3. एयरलाइंस की प्राथमिकता बदली

  • यूरोपीय एयरस्पेस में ज्यादा ट्रैफिक, स्टाफ की कमी, और ग्राउंडेड विमान की वजह से एयरलाइंस अपने संसाधनों को लॉन्ग-हॉल या हाई-रेवेन्यू रूट्स पर केंद्रित कर रही हैं.

  • नतीजतन, यूएई-यूरोप रूट्स—खासकर जो इस्तांबुल, फ्रैंकफर्ट या विएना से जुड़ते हैं—को या तो

    • रीरूट,

    • रद्द,

    • या लंबा कर दिया जा रहा है.

Bottom Line

ट्रैवल को बेहतर और सुरक्षित बनाने के स्मार्ट उपाय:

  1. 🔔 Skyscanner या Google Flights पर Fare Alerts सेट करें
    – किराया घटते ही आपको नोटिफिकेशन मिलेगा, जिससे आप सही समय पर बुकिंग कर सकते हैं.

  2. 💳 Refundable या Flexi टिकट बुक करें
    – आख़िरी समय में कैंसिलेशन, रीशेड्यूलिंग या वीज़ा अस्वीकार होने की स्थिति में पैसे बचेंगे.

  3. 📆 तारीख़ों और स्टॉपओवर्स में फ्लेक्सिबल रहें
    – मिडवीक या रात की फ्लाइट्स में किराया अक्सर कम होता है.
    – लंबी दूरी की बजाय मल्टी-सिटी या इंडायरेक्ट फ्लाइट्स पर भी विचार करें.

  4. 🌍 Eastern Europe, Balkans या Asia जैसे Non-Schengen डेस्टिनेशन एक्सप्लोर करें
    – जॉर्जिया, अर्मेनिया, अज़रबैजान, सर्बिया, तुर्की, थाईलैंड आदि जैसे देश
    👉 वीज़ा-फ्री या ई-विज़ा ऑफर करते हैं, और ट्रैवल प्लानिंग आसान होती है.