मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण दुनिया भर के विमानन उद्योग (airline industry) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में वैश्विक एयरलाइन कंपनियों का मुनाफा घटकर आधा रहने का अनुमान है। इस स्थिति का सबसे बड़ा असर मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी देशों की एयरलाइंस पर पड़ने जा रहा है, जिससे यात्रियों और प्रवासियों के हवाई सफर पर भी सीधा असर पड़ेगा।

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मुनाफे में आई बड़ी गिरावट, क्या है मुख्य वजह?

IATA द्वारा जारी ताजा वित्तीय दृष्टिकोण के अनुसार, साल 2026 में वैश्विक एयरलाइन उद्योग का कुल शुद्ध मुनाफा 23.0 अरब डॉलर रहने की उम्मीद है। यह आंकड़ा पहले के अनुमानित 41 अरब डॉलर के मुकाबले लगभग आधा रह गया है। मुनाफे में इस बड़ी गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  • मिडिल ईस्ट में युद्ध से उत्पन्न व्यवधान: युद्ध के कारण कई हवाई मार्ग बंद हो चुके हैं या बदल दिए गए हैं।
  • ईंधन की ऊंची कीमतें: विमान ईंधन की बढ़ती लागत ने कंपनियों के खर्च को बहुत अधिक बढ़ा दिया है।

मिडिल ईस्ट की एयरलाइंस को उठाना पड़ सकता है भारी घाटा

IATA की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध क्षेत्र के बिल्कुल केंद्र में होने के कारण मिडिल ईस्ट की एयरलाइंस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। कमजोर मांग और उड़ानों के संचालन में आ रही रुकावटों के कारण इस क्षेत्र की एयरलाइंस सामूहिक रूप से घाटे में जा सकती हैं। इसके विपरीत, दुनिया के अन्य क्षेत्रों की एयरलाइंस मुनाफा कमाना जारी रखेंगी, लेकिन उनका मुनाफा भी पहले के अनुमानित स्तर से काफी कम रहेगा।

भारत और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वालों पर असर

हवाई कंपनियों के मुनाफे में कमी और ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर हवाई टिकटों के दाम पर देखने को मिल सकता है। भारत और खाड़ी देशों के बीच लगातार यात्रा करने वाले प्रवासियों को आने वाले समय में महंगे टिकट खरीदने पड़ सकते हैं। इसके अलावा रूट बदलने के कारण हवाई सफर में लगने वाला समय भी बढ़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IATA ने साल 2026 के लिए एयरलाइन मुनाफे का क्या अनुमान लगाया है?

IATA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में दुनिया भर की एयरलाइंस का कुल शुद्ध मुनाफा 23.0 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमानित 41 अरब डॉलर से करीब आधा है।

मिडिल ईस्ट की एयरलाइन कंपनियां घाटे में क्यों जा रही हैं?

युद्ध से उत्पन्न व्यवधानों, उड़ानों के मार्ग में बदलाव और हवाई यात्रा की मांग कमजोर होने की वजह से मिडिल ईस्ट की एयरलाइंस को लगातार नुकसान हो रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.