चीन पहुंचे NSA अजीत डोभाल, वांग यी के साथ सीमा विवाद और शांति को लेकर होगी अहम बैठक

Nura Basta24 August 20262 min read45 viewsIndia
चीन पहुंचे NSA अजीत डोभाल, वांग यी के साथ सीमा विवाद और शांति को लेकर होगी अहम बैठक

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए आयोजित होने वाली विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के 25वें दौर में हिस्सा लेने के लिए आधिकारिक तौर पर बीजिंग पहुंच चुके हैं। मंगलवार को होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में वह चीन के विदेश मंत्री और राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग यी के साथ दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा मुद्दों पर बेहद अहम बातचीत करेंगे। यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिस पर दुनियाभर के जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है।

चीन के शीर्ष नेताओं से होगी मुलाकात

भारतीय विदेश मंत्रालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान अजीत डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच आयोजित होने वाली यह विशेष वार्ता दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े जटिल प्रश्नों पर खुलकर बात करने का सबसे मुख्य और प्रभावी माध्यम मानी जाती है। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि किस तरह से आपसी बातचीत के जरिए सीमा पर अमन-चैन कायम रखा जाए और दोनों देशों के रिश्तों में सुधार लाया जाए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

पिछली बैठकों की सहमति पर होगी आगे की चर्चा

चीनी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता लिन जियान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस विशेष बैठक के दौरान दोनों पक्ष सीमा से जुड़े हर एक पहलू पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि ठीक पिछले वर्ष अगस्त के महीने में दोनों देशों के बीच वार्ता का 24वां दौर आयोजित किया गया था। उस समय दोनों पक्षों ने सीमा प्रश्न पर बहुत ही गहराई से चर्चा की थी और कई महत्वपूर्ण साझा सहमतियों पर अपनी मुहर लगाई थी। इस बार की इस नई बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी आपसी सहमति की असली भावना के अनुरूप सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता को पूरी तरह से बनाए रखना है।

द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी होगी बात

सीमा पर शांति बहाली के अलावा इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के आपसी यानी द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी खुलकर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। चूंकि भारत और चीन दोनों ही एशिया के बड़े देश हैं, इसलिए इन दोनों के बीच होने वाली हर एक बातचीत का असर पूरे क्षेत्र के हालातों पर पड़ता है। भारत सरकार हमेशा से यह मानती आई है कि सीमा पर शांति और अमन कायम रहने से ही दोनों देशों के बीच व्यापार और अन्य संबंधों को सही दिशा मिल सकती है। इस पूरी वार्ता को लेकर आधिकारिक अपडेट्स और विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से भी देख सकते हैं, जहां से इस खबर की पुष्टि की गई है।

Share:

Comments

Leave a comment