अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इसराइली मंत्री Itamar Ben-Gvir की एंट्री के बाद दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। कतर समेत कई अरब देशों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। मस्जिद में घुसकर झंडा लहराने और नमाज़ियों को रोकने जैसी हरकतों ने माहौल को गरमा दिया है।
इसराइली मंत्री ने अल-अक्सा मस्जिद में क्या किया?
14 मई 2026 को इसराइल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben-Gvir ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर में जबरन एंट्री की। इस दौरान उन्होंने वहां इसराइली झंडा लहराया और डांस किया। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में अन्य लोग भी थे जिन्हें इसराइली पुलिस ने सुरक्षा दी थी। यह पूरी घटना Jerusalem Day और Flag March के दौरान हुई। मस्जिद प्रशासन ने बताया कि इस दौरान वहां काफी उकसावे वाली हरकतें की गईं।
अरब देशों और कतर ने इस घटना पर क्या कहा?
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। कतर ने कहा कि यह दुनिया भर के मुसलमानों को उकसाने की कोशिश है। वहीं Saudi Arabia, Jordan और Egypt ने भी इस कदम को खतरनाक बताया। Jordan के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि इसराइली सरकार का इस पवित्र स्थल पर कोई अधिकार नहीं है। Palestine के विदेश मंत्रालय ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया ताकि मस्जिद के पुराने नियमों को बदला जा सके।
मस्जिद में एंट्री को लेकर क्या पाबंदियां लगाई गईं?
इस घटना के दौरान इसराइली सुरक्षा बलों ने मस्जिद में जाने वाले लोगों पर सख्त पाबंदियां लगा दी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 साल से कम उम्र के पुरुषों और 50 साल से कम उम्र की महिलाओं को मस्जिद के अंदर जाने से रोका गया। कई नमाज़ियों के साथ बदसलूकी भी की गई। मस्जिद का प्रबंधन करने वाले Jerusalem Awqaf Department ने इन पाबंदियों और घुसपैठ पर गहरा दुख जताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अल-अक्सा मस्जिद का दर्जा क्या है और इसके नियम क्या हैं?
अल-अक्सा मस्जिद दुनिया भर के मुसलमानों के लिए तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। पुराने नियमों के मुताबिक गैर-मुस्लिम यहां visit कर सकते हैं लेकिन वहां प्रार्थना करना मना है।
इस घटना पर कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की?
कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसराइली उल्लंघनों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है ताकि क्षेत्र में हिंसा के चक्र को खत्म किया जा सके।
