Al-Aqsa Mosque के आंगन में खेल रहे बच्चों की फुटबॉल को इजरायली पुलिस ने जब्त कर नष्ट कर दिया. यह घटना 18 अप्रैल 2026 की है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. मस्जिद अधिकारियों का कहना है कि यह फिलिस्तीनियों पर लगाई जा रही पाबंदियों का हिस्सा है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

फुटबॉल जब्त करने के पीछे क्या है नियम?

इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2017 को एक आदेश दिया था. इसमें Al-Aqsa Mosque परिसर में बॉल गेम खेलने पर रोक लगा दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से जगह की पवित्रता प्रभावित होती है. कुछ यहूदी संगठनों ने भी तर्क दिया था कि फुटबॉल खेलने से यहूदी आगंतुकों को परेशानी होती है.

मस्जिद प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या रुख है?

मस्जिद अधिकारियों ने इस कार्रवाई को फिलिस्तीनियों के खिलाफ लगातार बढ़ती पाबंदियों का हिस्सा बताया है. Jerusalem Islamic Waqf इस परिसर के प्रशासन को संभालती है जबकि इजराइल केवल प्रवेश का प्रबंधन करता है. UN Human Rights Office ने पहले भी Hebron में बच्चों की फुटबॉल जब्त करने जैसी घटनाओं की निंदा की थी और इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताया था.

मुख्य विवरण जानकारी
घटना की तारीख़ 18 अप्रैल 2026
प्रतिबंध का आदेश 4 अक्टूबर 2017 (सुप्रीम कोर्ट)
प्रशासनिक संस्था Jerusalem Islamic Waqf
मुख्य विवाद पवित्रता और पाबंदियां
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com