Al-Aqsa Mosque में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 22 अप्रैल 2026 को इसराइली बस्तियों के लोगों ने सुरक्षा बलों के साथ मस्जिद परिसर में जबरन प्रवेश किया। इस घटना के बाद Arab Parliament के अध्यक्ष Mohammad Al-Yamahi और Egypt की सरकार ने इस हरकत की कड़ी निंदा की है। इसे अरब और मुस्लिम देशों की भावनाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया गया है।

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Al-Aqsa Mosque में क्या हुआ और कितना तनाव बढ़ा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक 22 अप्रैल को 150 से ज़्यादा इसराइली लोग मस्जिद परिसर में घुसे। उनके साथ इसराइली पुलिस और सुरक्षा बल मौजूद थे। वहां उन्होंने झंडे लहराए और कुछ धार्मिक रस्में कीं जिससे माहौल खराब हुआ। Jerusalem Governorate ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने मस्जिद आने वाले जायरीनों के लिए रास्ते बंद कर दिए और कई जगह चेकपॉइंट्स लगा दिए ताकि लोग अंदर न जा सकें।

Arab Parliament और अन्य देशों ने क्या कहा?

Arab Parliament के अध्यक्ष Mohammad Al-Yamahi ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने दुनिया भर के देशों से मांग की कि इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। Egypt के विदेश मंत्रालय ने भी इसे एक खतरनाक कदम बताया जो शांति के प्रयासों को नुकसान पहुँचा सकता है। वहीं Hamas ने इसे मस्जिद को यहूदी बनाने की एक साजिश करार देते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.