यरूशलेम की ऐतिहासिक अल-अक्सा मस्जिद को 40 दिनों के लंबे इंतज़ार के बाद मुस्लिम नमाज़ियों के लिए फिर से खोल दिया गया है। इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के हालातों के कारण इसे 28 फरवरी 2026 को बंद किया गया था। गुरुवार, 9 अप्रैल को सुबह की नमाज़ के समय करीब 3,000 लोग मस्जिद परिसर में पहुंचे। यह मस्जिद काफी समय बाद खुली है जिससे स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।

नमाज़ियों के लिए क्या हैं नए नियम और जानकारी?

जेरूसलम इस्लामिक वक्फ ने मस्जिद के दोबारा खुलने की आधिकारिक घोषणा की है। हालांकि मस्जिद खुल गई है, लेकिन इजरायली सुरक्षा बलों ने अभी भी वहां भारी पहरा लगा रखा है। प्रवेश द्वारों पर पहचान पत्रों की सख्त जांच की जा रही है। सुरक्षा कारणों से कुछ युवाओं को मस्जिद में प्रवेश करने से रोका गया और कुछ जगहों पर झड़प की खबरें भी आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह पाबंदी सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए लगाई गई थी जिसे अब धीरे-धीरे कम किया जा रहा है।

मस्जिद की बंदी और ताजा स्थिति से जुड़े मुख्य तथ्य

  • अल-अक्सा मस्जिद को 28 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक पूरे 40 दिनों के लिए बंद रखा गया था।
  • इस पाबंदी के कारण 1967 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि नमाज़ी यहाँ ईद की नमाज़ अदा नहीं कर सके।
  • मस्जिद के साथ-साथ पुराने शहर के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर पर भी पाबंदियां लगाई गई थीं।
  • ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से पूरे इलाके में इमरजेंसी घोषित थी।
  • हाल ही में 7-8 अप्रैल के आसपास हुई संघर्ष विराम की चर्चा के बाद इन प्रतिबंधों में ढील दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर इजरायली प्रशासन का बयान

इजरायली पुलिस ने जानकारी दी है कि यरूशलेम के पुराने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य करने के लिए सैकड़ों अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और बॉर्डर गार्ड्स की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है ताकि नमाज़ियों को कोई परेशानी न हो। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी मस्जिद के कई द्वारों पर जवानों की तैनाती है और आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.