अल-अक्सा मस्जिद में 40 दिन बाद हुई नमाज़, 3000 लोगों ने फज्र में लिया हिस्सा, पाबंदियां हटीं.
यरूशलेम की अल-अक्सा मस्जिद में गुरुवार की सुबह एक बार फिर रौनक लौट आई है। इजरायली प्रशासन द्वारा लगाए गए 40 दिनों के कड़े प्रतिबंधों के बाद 9 अप्रैल 2026 को मस्जिद के दरवाजे नमाजियों के लिए खोल दिए गए। अल-कुद्स गवर्नरेट और कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) के मुताबिक, करीब 3,000 लोगों ने फज्र की नमाज़ में हिस्सा लिया। काफी लंबे समय के बाद लोग इस पवित्र स्थान पर सामूहिक इबादत कर सके।
मस्जिद खुलने और नमाज को लेकर क्या रहे मुख्य हालात?
गुरुवार तड़के फज्र की नमाज के समय सैकड़ों मुसलमान मस्जिद के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। यरूशलेम इस्लामिक वक्फ विभाग ने बुधवार शाम को ही घोषणा कर दी थी कि गुरुवार सुबह से मस्जिद बिना किसी संख्या की पाबंदी के खोल दी जाएगी। कुवैत न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नमाज के दौरान करीब 3000 लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। 40 दिनों के अंतराल के बाद यह पहला मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।
मस्जिद बंद रहने की वजह और प्रशासन के नए नियम क्या हैं?
- बंद रहने का समय: मस्जिद करीब 40 दिनों तक बंद रही, जो फरवरी के अंत से शुरू होकर ईद और लैलत अल-कद्र तक जारी रही।
- सुरक्षा कारण: इजरायली अधिकारियों ने आपातकाल और सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए इसे बंद किया था, जो यहूदी पासओवर के दौरान भी जारी रहा।
- प्रबंधन: मस्जिद का प्रबंधन संभालने वाले यरूशलेम इस्लामिक वक्फ विभाग ने नमाजियों के प्रवेश की इजाजत दी है।
- पुलिस की तैयारी: इजरायली पुलिस ने नए दिशा-निर्देशों के तहत गुरुवार सुबह से पवित्र स्थलों को नमाजियों के लिए खोलने की तैयारी पूरी की थी।
मस्जिद के फिर से खुलने पर दुनिया के कई मुस्लिम देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और जॉर्डन ने इस फैसले का स्वागत किया है। इससे पहले इन देशों ने मस्जिद बंद रहने और वहां लगाई गई पाबंदियों पर चिंता जताई थी। अब नमाजियों के लिए बिना किसी विशेष पाबंदी के प्रवेश की अनुमति मिल गई है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी खुशी देखी जा रही है।





