World Water Week 2026: वेस्ट बैंक में पानी को हथियार बनाने का मामला आया सामने, अल जज़ीरा की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा.

Nura Basta26 August 20263 min read60 viewsWorld
World Water Week 2026: वेस्ट बैंक में पानी को हथियार बनाने का मामला आया सामने, अल जज़ीरा की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा.

वर्ल्ड वाटर वीक 2026 के दौरान पानी की कमी और संघर्ष को लेकर एक बेहद गंभीर रिपोर्ट सामने आई है। इस साल इस कार्यक्रम की थीम 'Water for People and Progress' रखी गई है, लेकिन इसी बीच वेस्ट बैंक से पानी के गलत इस्तेमाल और उसे हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने की बात उजागर हुई है। अल जज़ीरा की संस्था AJLabs की जांच में यह बात सामने आई है कि फिलिस्तीनी गांव Fasayil के पास स्थित एक प्राकृतिक झरने के पानी को इजरायली Settlers द्वारा मोड़ लिया गया है। इस पानी का इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से स्थानीय सिंचाई के लिए किया जाता था, लेकिन अब इसे एक पुरातात्विक स्थल पर बने स्विमिंग पूल को भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

किसानों की फसलें हुईं बर्बाद और आर्थिक नुकसान

पानी के इस तरह मोड़ दिए जाने की यह घटना इसी साल जून 2026 में शुरू हुई थी। इसकी वजह से Fasayil के स्थानीय फिलिस्तीनी किसानों को पिछले कई महीनों से उनके मुख्य जल स्रोत से वंचित रहना पड़ रहा है। पानी न मिलने के कारण किसानों की फसलें खेतों में ही सूख गई हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। एक सेटलर लीडर Eliav Libi ने, जिन पर कनाडा समेत कई देश पहले ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा चुके हैं, जून के शुरुआती दिनों में एक वीडियो शेयर किया था जिसमें इस पूल को भरते हुए साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा 21 साल के एक इजरायली सेटलर Yishai Shreiber ने बताया कि इजरायली समूहों की मौजूदगी की वजह से स्थानीय फिलिस्तीनी इस इलाके के पास आने से भी डरते हैं। वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने इस जगह के विकास और बहाली के लिए 3 मिलियन शेकेल यानी लगभग 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने का ऐलान किया है, और वर्तमान में इस जगह को एक पर्यटक स्थल के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

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पुरातात्विक अवशेषों को हो रहा नुकसान

इस पूरे मामले पर इजरायली मानवाधिकार संगठन Emek Shaveh से जुड़े पुरातत्वविद् Alon Arad ने कहा कि इस जगह का संबंध राजा हेरोड से होने का दावा अभी तक पूरी तरह साबित नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सेटर्स की इन गतिविधियों की वजह से वहां मौजूद प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों को भी शारीरिक नुकसान पहुंच रहा है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दुनियाभर में पानी की कमी और सैन्य रणनीतियों को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है।

गाजा में पानी के बुनियादी ढांचे को नुकसान

इससे पहले अप्रैल 2026 में Médecins Sans Frontières (MSF) यानी डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर ने 'Water as a Weapon' नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि इजरायली अधिकारियों ने गाजा के लोगों के खिलाफ सामूहिक सजा के रूप में बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और जरूरी सामानों की आपूर्ति को रोकने का काम किया है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के सेफ ड्रिंकिंग वाटर और सैनिटेशन के मानवाधिकार पर विशेष रिपोर्टर Pedro Arrojo Agudo ने 27 फरवरी 2026 को एक चेतावनी जारी की थी। अरोजो अगूडो ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि गाजा के 90% वाटर ट्रीटमेंट और डिसेलिनेशन प्लांट खराब हो चुके हैं या उनका इस्तेमाल बंद हो चुका है। इस स्थिति के कारण वहां निजी तौर पर मिलने वाले पानी की कीमतों में सीधा 500 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अधिकारियों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करें और जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करें।

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