Al Jazeera Report: इसराइल वेस्ट बैंक बस्तियों को दे रहा है भारी पैसा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव.

अल जज़ीरा की एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि कैसे इसराइल की वेस्ट बैंक बस्तियों को दुनिया भर की बड़ी कंपनियों और सरकारी संगठनों से मदद मिल रही है। इस रिपोर्ट को पत्रकार Um-e-Kulsoom Shariff ने तैयार किया है, जिसमें बताया गया है कि दशकों से इन बस्तियों को किस तरह से आर्थिक और वित्तीय सहायता पहुंचाई जा रही है। यह मामला 18 अगस्त 2026 को सामने आया जब इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई और साथ ही सरकारी स्तर पर भी पैसों का लेन-देन खुलकर सामने आने लगा।
सरकार की तरफ से भारी फंड का ऐलान
इसराइल सरकार इन बस्तियों को मजबूत करने के लिए लगातार बड़ा पैसा खर्च कर रही है। इसराइल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने 5 अगस्त 2026 को एक बड़े ऐलान में 113 million shekels यानी करीब $37 million की राशि देने की घोषणा की। इस पैसे का इस्तेमाल वेस्ट बैंक में 70 से ज्यादा ऐतिहासिक जगहों पर कब्जा करने के लिए किया जाएगा। इससे पहले मई 2026 में भी 250 million shekels यानी करीब $83 million का एक प्लान पास किया गया था जिसका मकसद पुरानी और ऐतिहासिक जगहों पर अपना हक जताना था। वित्त मंत्री ने इस खर्च को देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी और एक बड़ा कदम बताया है।
मंत्रालय और समितियों को मिला करोड़ों का बजट
सरकारी दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि इसराइली सेटलमेंट्स मिनिस्ट्री को सीधे तौर पर 157 million shekels यानी $52 million मिलने वाले हैं। इसके अलावा 142 million shekels यानी $47 million की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। देश की संसद यानी नेसेट की फाइनेंस कमेटी ने भी इस मंत्रालय के लिए लगभग 300 million shekels यानी करीब $99 million पास कर दिए हैं। इन कामों में सेटलमेंट डिवीजन भी मदद कर रहा है, जो कि सरकार से पैसे पाने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका काम फिलिस्तीनी जमीनों पर कब्जा करना, उन्हें Settlers को देना और उनके लिए जरूरी सामान खरीदना है।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की नजर और दान के जरिए फंडिंग
इस पूरी स्थिति को लेकर दुनिया भर में चिंता और जांच का दौर जारी है। यूरोपीय संघ की संस्था European External Action Service (EEAS) ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि बस्तियों का यह निर्माण जमीन पर कब्जा करने का एक बड़ा राजनीतिक कदम है। इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के दौरान 54 नई आधिकारिक बस्तियों और 86 नई चौकियों को मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा अल जज़ीरा की जुलाई 2026 की एक दूसरी जांच में यह बात भी सामने आई कि समर्थक संगठन ब्रिटेन और कनाडा की चैरिटी के जरिए पैसा जुटा रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण के लिए फंड भेज रहे हैं।
बीते कुछ समय में हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। खासकर 7 अक्टूबर 2023 के बाद से वेस्ट बैंक में इसराइली सेना की कार्रवाई में 1,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 230 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं। सरकारी मदद के साथ-साथ निजी स्तर पर मिलने वाले दान से हथियार, ड्रोन कैमरे और रात में देखने वाले उपकरण खरीदे जा रहे हैं और फिलिस्तीनियों के घरों को गिराने का काम किया जा रहा है।