दुबई अपनी हवाई यात्रा के भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DWC) के विस्तार का काम पूरी रफ्तार से जारी है। दुबई एयरपोर्ट्स के सीईओ पॉल ग्रिफिथ्स ने साफ कर दिया है कि उनके लंबे समय के प्लान में कोई बदलाव नहीं हुआ है और काम सही दिशा में चल रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा DWC

दुबई का लक्ष्य अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाना है। इस एयरपोर्ट की क्षमता इतनी होगी कि यह हर साल 26 करोड़ यात्रियों और 1.2 करोड़ टन कार्गो को संभाल सकेगा। यहां 5 समानांतर रनवे और 400 एयरक्राफ्ट गेट्स बनाए जाएंगे। शुरुआती फेज में 2030 की शुरुआत तक इसे 15 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक ले जाने का लक्ष्य है।

2032 तक पूरा होगा बड़ा बदलाव

योजना के मुताबिक, 2032 तक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) का पूरा कामकाज अल मकतूम एयरपोर्ट (DWC) में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे पहले, DXB साल 2031 तक करीब 11.4 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है। यात्रियों की सुविधा के लिए शहर में 20 ऐसे स्टेशन बनाए जा सकते हैं जहां से लोग सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकें, ताकि लंबी लाइनों और देरी से छुटकारा मिले।

बड़ा निवेश और बुनियादी ढांचा

इस प्रोजेक्ट के दूसरे फेज के लिए भारी निवेश किया गया है। ब्रिटेन की एक्सपोर्ट फाइनेंस (UKEF) ने भी इस विस्तार में मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। साथ ही, Emirates ने 18.7 अरब दिरहम का नया इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया है, जो 2030 के मध्य तक तैयार हो जाएगा। यह कॉम्प्लेक्स उन विमानों की मरम्मत के लिए होगा जिन्हें भारी रखरखाव की जरूरत होती है।

विवरण आंकड़े/राशि
कुल निवेश (फेज 2) 128 अरब दिरहम (35 अरब डॉलर)
UKEF की वित्तीय मदद 3.5 अरब डॉलर
Emirates इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स 18.7 अरब दिरहम
कुल यात्री क्षमता (भविष्य) 26 करोड़ यात्री सालाना
कार्गो क्षमता 1.2 करोड़ टन सालाना
रनवे की संख्या 5 समानांतर रनवे
एयरक्राफ्ट गेट्स 400 गेट्स

युद्ध का असर और मौजूदा स्थिति

फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष की वजह से दुबई एयरपोर्ट (DXB) के बुनियादी ढांचे पर 16 हमले हुए, जिसमें रडार सिस्टम और फ्यूल फार्म शामिल थे। मार्च महीने में यात्रियों की संख्या में 66 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक छोटी रुकावट थी और अब कामकाज फिर से सामान्य हो रहा है। युद्ध के कारण DXB के 10 करोड़ यात्रियों के लक्ष्य को अब 2026 के बजाय 2027 तक पूरा करने की उम्मीद है।