दुबई अपने अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Al Maktoum International Airport) के विस्तार पर तेज़ी से काम कर रहा है। क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने जानकारी दी है कि यह प्रोजेक्ट तय समय के मुताबिक चल रहा है। इस एयरपोर्ट को इतना बड़ा बनाया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा और दुबई की आर्थिक तरक्की में बड़ी भूमिका निभाएगा।
शेख हमदान ने बताया कि एयरपोर्ट के पहले फेज (Phase 1) का संचालन साल 2032 से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल 13 अरब दिरहम के कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम चल रहा है और पिछले 15 महीनों में 1 करोड़ से ज़्यादा वर्क ऑवर्स पूरे किए जा चुके हैं। आने वाले कुछ महीनों में 55 अरब दिरहम से ज़्यादा के नए स्ट्रैटेजिक प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट्स दिए जाएंगे।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | डेटा |
|---|---|
| वर्तमान कॉन्ट्रैक्ट की कीमत | 13 अरब AED |
| आगामी कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमत | 55 अरब AED से ज़्यादा |
| पिछले 15 महीनों में काम के घंटे | 1 करोड़ से ज़्यादा |
| कुल क्षेत्रफल | 70 वर्ग किलोमीटर |
| सालाना यात्री क्षमता (कुल) | 25 करोड़ से ज़्यादा |
| पहले फेज की क्षमता | 15 करोड़ यात्री |
| अंतिम क्षमता | 26 करोड़ यात्री |
यह नया एयरपोर्ट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) से पांच गुना बड़ा होगा। इसमें पांच पैरेलल रनवे, पांच टर्मिनल और 400 एयरक्राफ्ट गेट्स बनाए जाएंगे। वेस्ट टर्मिनल (West Terminal) करीब 8 लाख वर्ग मीटर में फैला होगा और इसमें सात मंजिलें होंगी। इस टर्मिनल की क्षमता सालाना 4.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी और यहाँ यात्रियों के आने-जाने के लिए 14 स्टेशन वाला ऑटोमेटेड पीपल-मूवर (APM) सिस्टम लगाया जाएगा।
दुबई एयरपोर्ट्स के CEO पॉल ग्रिफिथ्स ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव का इस प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है और काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार पहले फेज के चालू होने के बाद, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सारा कामकाज धीरे-धीरे अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।