सऊदी अरब की मदीना स्थित अल-मीकात मस्जिद को अब आध्यात्मिकता और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना बताया जा रहा है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने इसे एक शानदार इमारत करार दिया है। यह मस्जिद हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जगह है और यहाँ यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है।

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अल-मीकात मस्जिद में क्या-क्या खास सुविधाएं मिलेंगी?

Royal Commission for Makkah City and Holy Sites ने जानकारी दी कि 1447 AH हज सीजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बदलाव के बाद अब यहाँ की सुविधाएं पहले से बेहतर हो गई हैं:

  • नमाज के लिए जगह का विस्तार किया गया है जिससे अब 6,600 से ज्यादा पुरुष और लगभग 3,200 महिलाएं एक साथ नमाज पढ़ सकेंगे।
  • यात्रियों की गाड़ियों के लिए हजारों की संख्या में पार्किंग स्पेस बनाए गए हैं।
  • सफाई और सुविधा के लिए सैकड़ों नए restrooms तैयार किए गए हैं।
  • अल मदीना रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने इस पूरे इलाके का कायाकल्प किया है ताकि सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।

हज और उमराह यात्रियों के लिए इस जगह का क्या महत्व है?

यह मस्जिद मदीना से आने या वहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक निर्धारित ‘मीकात’ (स्टेशन) है। यहाँ यात्री अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं। इसके मुख्य नियम और जानकारी इस प्रकार हैं:

  • इहराम के नियम: यहाँ पुरुष दो सफेद कपड़ों वाला इहराम पहनते हैं, जबकि महिलाएं अपनी पसंद के साधारण और उचित कपड़े पहन सकती हैं।
  • नियत: यात्री इसी स्थान पर अपनी हज या उमराह की नियत (niyyah) करते हैं और पवित्र अवस्था में प्रवेश करते हैं।
  • डिजाइन और इतिहास: इस मस्जिद का निर्माण किंग फहद के समय में बड़े पैमाने पर किया गया था। इसका डिजाइन मिस्र के मशहूर वास्तुकार Abdel-Wahed El-Wakil ने तैयार किया था।
  • लोकेशन: यह मस्जिद मदीना में पैगंबर मस्जिद से करीब 14 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अल-मीकात मस्जिद की क्षमता कितनी है?

नये विस्तार के बाद इस मस्जिद में अब 6,600 से ज्यादा पुरुषों और लगभग 3,200 महिलाओं के लिए नमाज की जगह उपलब्ध है।

मीकात मस्जिद कहाँ स्थित है और इसका क्या उपयोग है?

यह मस्जिद मदीना में पैगंबर मस्जिद से 14 किलोमीटर दूर है। यहाँ हज और उमराह यात्री इहराम पहनते हैं और अपनी यात्रा की नियत करते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.