सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमले को लेकर अब दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अल्जीरिया ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी तरह गलत बताया है। सऊदी अरब के साथ-साथ कई अन्य खाड़ी देशों ने भी इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। यह पूरा मामला क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति से जुड़ा हुआ है।
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला और अब तक की जानकारी
सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने 17 और 18 मई 2026 को तीन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था। सरकारी जानकारी के मुताबिक ये ड्रोन इराक की तरफ से सऊदी की सीमा में दाखिल हुए थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि वे इस हमले का जवाब सही समय और सही जगह पर देने का पूरा हक रखते हैं।
अल्जीरिया और अन्य देशों ने क्यों जताया विरोध
- अल्जीरिया का बयान: सऊदी प्रेस एजेंसी (SPAENG) ने बताया कि अल्जीरिया ने आधिकारिक तौर पर इस ड्रोन हमले की निंदा की है।
- खाड़ी देशों का साथ: UAE, कतर और कुवैत ने भी 18 मई को इस हमले को सऊदी की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
- GCC की प्रतिक्रिया: GCC के महासचिव ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं और इससे जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब पर ड्रोन हमला कब हुआ था
सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने 17 और 18 मई 2026 को तीन ड्रोन को इंटरसेप्ट किया था, जो इराक की दिशा से आए थे।
किन देशों ने इस हमले की निंदा की है
अल्जीरिया, UAE, कतर, कुवैत और GCC के महासचिव ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
