ईरान के समुद्री इलाके में शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर DISHA पर हमला हुआ। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद सभी 28 भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है ताकि चालक दल की भलाई सुनिश्चित की जा सके।
हमले की जानकारी और स्थिति
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास हुई। घटना के दौरान रेडियो पर जहाज की ओर से मदद की गुहार लगाई गई थी, जिसमें उन्होंने अज्ञात मिसाइलों से हमले की सूचना दी थी। जहाज पर क्रू मेंबर्स की संख्या को लेकर पहले 30 की जानकारी मिली थी, लेकिन भारतीय दूतावास ने 28 भारतीयों की पुष्टि की है।
भारत का रुख और क्षेत्रीय तनाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईस्ट एशिया समिट में कहा कि समुद्री यात्रियों और नागरिक जहाजों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक समुद्री रास्ते सुरक्षित रहने चाहिए। वर्तमान में इस इलाके में सुरक्षा को लेकर काफी चिंता है, क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज में कई तेल टैंकरों को रोकने की चेतावनी दी है और अमेरिका के नौसैनिक नाकेबंदी के कारण क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। डीजीएमए ने पहले ही जहाज मालिकों को इन रास्तों से बचने की सलाह दी थी।
