US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर अल्ताफ हुसैन ने जताया शक, युद्ध की आहट से दुनिया परेशान
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. MQM नेता Altaf Hussain ने कहा है कि अब शांति वार्ता का दोबारा शुरू होना मुश्किल लग रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी और सैन्य कार्रवाई ने बातचीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. इस विवाद का असर अब वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर पड़ने लगा है.
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी (blockade) शुरू कर दी थी. हाल ही में 19 अप्रैल को US Navy ने ईरान का एक कार्गो शिप M/V Touska भी जब्त कर लिया. वहीं ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही रुक गई है. अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल एक युद्धविराम (ceasefire) लागू है, जो 22 अप्रैल को खत्म हो जाएगा.
नेताओं और अधिकारियों ने इस स्थिति पर क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कर दिया है कि ईरान अब अगली बातचीत में हिस्सा लेने की योजना नहीं बना रहा है. दूसरी तरफ US President Donald Trump ने दावा किया है कि उनकी टीम पाकिस्तान जा रही है और बातचीत अभी भी शेड्यूल में है. ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे. MQM नेता Altaf Hussain ने TikTok के जरिए अपनी चिंता जाहिर की और कहा कि मौजूदा हालात में बातचीत की संभावना बहुत कम है.
| तारीख / Entity | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| 11 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में शांति वार्ता का पहला दौर हुआ |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की |
| 19 अप्रैल 2026 | M/V Touska नाम का ईरानी जहाज जब्त हुआ |
| 22 अप्रैल 2026 | युद्धविराम (Ceasefire) खत्म होने की तारीख |
| US Delegation | JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner पाकिस्तान जा रहे हैं |
| CENTCOM | घेराबंदी के बाद अब तक 27 जहाज ईरानी बंदरगाहों से वापस भेजे गए |