AlUla Rock Inscriptions: सऊदी अरब के अलुला में मिले हज़ारों साल पुराने शिलालेख, दुनिया को बताएंगे प्राचीन यात्रियों के सफर की कहानी

सऊदी अरब के AlUla इलाके में चट्टानों पर खुदे प्राचीन शिलालेख मिले हैं। ये शिलालेख हज़ारों साल पहले यहाँ से गुज़रने वाले यात्रियों और तीर्थयात्रियों की आस्था और उनकी यात्राओं का लेखा-जोखा रखते हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, ये नक्काशी पुरानी सभ्यताओं के इतिहास को समझने का एक बड़ा जरिया बन गई है।

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AlUla के शिलालेखों में क्या खास जानकारी मिली है?

इन शिलालेखों में प्राचीन काल के लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी, उनकी प्रार्थनाएं और सफर के अनुभव लिखे हुए हैं। यहाँ हज़ारों की संख्या में नक्काशी मिली है जो अलग-अलग भाषाओं और लिपियों में है। यहाँ तक कि प्राचीन अरबियन तेंदुए (Arabian leopard) के बारे में भी जानकारी मिलती है, जिससे उस दौर के पर्यावरण के बारे में पता चलता है।

UNESCO और RCU ने इसे बचाने के लिए क्या कदम उठाए?

Jabal Ikmah को 2023 में UNESCO की ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया गया। Royal Commission for AlUla (RCU) ने 25,000 से ज़्यादा शिलालेखों को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसमें 3D स्कैनिंग और भाषाई विश्लेषण का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि इन ऐतिहासिक दस्तावेज़ों को हमेशा के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

किन खास शिलालेखों को वैश्विक पहचान मिली है?

  • Jabal Ikmah: यहाँ पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व के दुर्लभ डैडनिटिक शिलालेख मिले हैं, जिसे एक खुला पुस्तकालय माना जाता है।
  • Inscription of Zuhair: यह शिलालेख 644 ईस्वी का है और इसे 2003 में ही UNESCO की लिस्ट में जगह मिल गई थी, जो पुरानी अरबी भाषा को समझने में मदद करता है।
  • स्थानीय प्रशिक्षण: Madrasat Addeera जैसे संस्थान अब नई पीढ़ी को पत्थर पर नक्काशी करने की इस प्राचीन कला को सिखा रहे हैं।