बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के क्लाउड डेटा सेंटरों पर ड्रोन हमलों की जानकारी सामने आई है। इन हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और तकनीकी सेवाएं देने वाले कई बड़े प्लेटफॉर्म्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमेज़न ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इन हमलों से उनके बुनियादी ढांचे को भौतिक नुकसान पहुंचा है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। इस स्थिति से खाड़ी देशों में काम करने वाली कई कंपनियों के कामकाज पर सीधा असर पड़ा है।

अमेज़न के डेटा सेंटर पर हुए हमले की मुख्य बातें

अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) ने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि यह घटनाएं मार्च 2026 की शुरुआत में हुईं। हमलों के कारण डेटा सेंटरों में न केवल बिजली की समस्या आई बल्कि आग बुझाने की प्रणालियों के सक्रिय होने से पानी से भी नुकसान पहुंचा है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

प्रभावित स्थान नुकसान का प्रकार जिम्मेदारी
बहरीन (ME-SOUTH-1) भौतिक ढांचा और बिजली बाधित IRGC (ईरान)
संयुक्त अरब अमीरात (ME-CENTRAL-1) दो सुविधाओं को सीधा नुकसान IRGC (ईरान)
तकनीकी सेवाएं EC2, S3, RDS और Lambda प्रभावित

इन हमलों का आम जनजीवन और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

बहरीन और यूएई में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र की कई डिजिटल सेवाएं इन्हीं क्लाउड सर्वरों पर टिकी हैं। अगर ये सेवाएं लंबे समय तक बाधित रहती हैं, तो बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और अन्य सरकारी पोर्टल के इस्तेमाल में देरी हो सकती है। अमेज़न ने बताया है कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे को ठीक करने में जुटे हैं।

  • ग्राहकों को अपना डेटा दूसरे सुरक्षित रीजन में भेजने की सलाह दी गई है।
  • सॉफ्टवेयर के जरिए सेवाओं को दोबारा बहाल करने की कोशिश जारी है।
  • 24 मार्च तक बहरीन में ड्रोन गतिविधि के कारण कुछ बाधाएं बनी हुई हैं।

ईरान के सैन्य संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन शुरुआती हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि ये अमेज़न केंद्र अमेरिकी सैन्य कार्यभार की मेजबानी कर रहे थे। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेज़न अब अपने तकनीकी बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए सॉफ्टवेयर-आधारित पुनर्प्राप्ति मार्गों पर काम कर रहा है। कंपनी प्रभावित ग्राहकों को तकनीकी सहायता दे रही है ताकि उनकी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह बंद न हों।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.