खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच 1 और 2 मार्च 2026 को इंटरनेट की दुनिया में बड़ी उथल-पुथल मची है। Amazon Web Services (AWS) ने बताया है कि UAE और बहरीन में उनके डेटा सेंटर में बड़ी तकनीकी खराबी आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समस्या ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे ताजा विवाद और हमलों के कारण पैदा हुई है, जिसका सीधा असर आम लोगों की डिजिटल सेवाओं पर पड़ रहा है।

डेटा सेंटर में आखिर हुआ क्या था?

Amazon ने पुष्टि की है कि 1 मार्च की सुबह करीब 4:30 बजे UAE में उनके एक डेटा सेंटर पर कुछ बाहरी चीजें (Objects) आकर गिरीं। इसके कारण वहां चिंगारी उठी और आग लग गई। सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय फायर ब्रिगेड ने तुरंत पूरी इमारत की बिजली और जनरेटर बंद कर दिए ताकि आग पर काबू पाया जा सके।

इस घटना के कारण UAE के एक बड़े हिस्से में सर्वर डाउन हो गए। 2 मार्च तक उस जोन में बिजली पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई थी। इसके अलावा, बहरीन में स्थित डेटा सेंटर में भी बिजली और कनेक्टिविटी की दिक्कतें दर्ज की गई हैं, हालांकि वहां किसी हमले की पुष्टि कंपनी ने साफ तौर पर नहीं की है।

आम लोगों और भारतीयों पर क्या होगा असर?

इस घटना से खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डेटा सेंटर ठप होने से बैंकिंग ऐप्स, टैक्सी बुकिंग और सरकारी वेबसाइट्स काम नहीं कर रही हैं।

  • महंगाई की मार: इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 24% की बढ़ोतरी हुई है और सोना 5,296 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
  • वैकल्पिक रास्ता: Amazon ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि अगर काम जरूरी है तो वे यूरोप या अमेरिका के सर्वर का इस्तेमाल करें।
  • डेटा रिकवरी: कंपनी ने कहा है कि जिन लोगों ने अपने डेटा का बैकअप दूसरे जोन में रखा था, उनका काम सुचारू रूप से चल रहा है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.