अमेरिका ने दक्षिण कोरिया को दी बड़ी मंजूरी, 103 आधुनिक मिसाइलों और रक्षा उपकरणों की होगी बिक्री.

अमेरिका ने अपने एशियाई सहयोगी दक्षिण कोरिया की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सरकार ने दक्षिण कोरिया को 103 एआईएम-9एक्स एयर-टू-एयर मिसाइलें और उनसे जुड़े अन्य रक्षा उपकरण बेचने की मंजूरी दे दी है। इस रक्षा सौदे से जुड़े फैसले की जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को दी, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और अधिक गहरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कितनी है इस रक्षा सौदे की अनुमानित लागत
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप से मिली जानकारी के अनुसार, यह सौदा सरकार से सरकार के बीच होने वाली 'फॉरेन मिलिट्री सेल' (FMS) प्रक्रिया के तहत तय किया गया है। इस पूरी प्रस्तावित रक्षा बिक्री की अनुमानित लागत करीब 12.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर तय की गई है। इस बड़े सौदे को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस को आधिकारिक तौर पर सूचित किया जा चुका है और इसकी समीक्षा प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
दक्षिण कोरिया ने क्या-क्या उपकरण मांगे हैं
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, दक्षिण कोरियाई सरकार ने अमेरिका से कुल 103 एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर ब्लॉक II टैक्टिकल मिसाइलें खरीदने का औपचारिक अनुरोध किया है। इसके अलावा इस रक्षा पैकेज में 10 गाइडेंस यूनिट भी शामिल हैं। मिसाइलों और उपकरणों के अलावा इस सौदे में सैन्य ट्रेनिंग से जुड़ी सामग्रियां, जरूरी उपकरण और स्पेयर पार्ट्स जैसी अन्य रक्षा संबंधी चीजें भी शामिल हैं, जो सेना के रोजाना के रखरखाव में काम आएंगी।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के रिश्तों पर असर
अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में यह साफ कहा गया है कि यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति को बनाए रखने वाले एक प्रमुख सहयोगी देश की सुरक्षा व्यवस्था में और ज्यादा सुधार होगा। अधिकारियों का मानना है कि इस डील से दक्षिण कोरिया की हवाई सुरक्षा क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा, जिससे वह क्षेत्र में आने वाले समय के सभी तरह के मौजूदा और भविष्य के खतरों का डटकर मुकाबला कर सकेगा।
इसके साथ ही, इस रक्षा सौदे से क्षेत्र में किसी भी तरह की आक्रामकता को रोकने और अमेरिकी सेना के साथ मिलकर साझा अभियानों में काम करने की क्षमता को भी पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सकेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे के लिए मुख्य ठेकेदार वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में स्थित मशहूर कंपनी आरटीएक्स कॉर्पोरेशन (RTX Corporation) होगी, जो इन सभी साजो-सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इस पूरी जानकारी की पुष्टि हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से दी गई है।