अमेरिका और चीन के बीच बीजिंग में हुई एक बड़ी मीटिंग में दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को लेकर अहम फैसला लिया गया है। राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने इस बात पर सहमति जताई कि Strait of Hormuz को हर हाल में खुला रखना होगा। इस बैठक में तेल की सप्लाई और ईरान के परमाणु हथियारों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिका और चीन के बीच किन बातों पर हुई सहमति?
White House ने बताया कि दोनों देश चाहते हैं कि Strait of Hormuz खुला रहे ताकि तेल और ऊर्जा की सप्लाई में कोई रुकावट न आए। चीन ने साफ तौर पर कहा कि इस समुद्री रास्ते का सैन्यीकरण नहीं होना चाहिए और न ही यहां कोई टोल टैक्स लगना चाहिए।
- तेल की खरीद: चीन ने अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने की इच्छा जताई ताकि भविष्य में उसकी Strait of Hormuz पर निर्भरता कम हो सके।
- परमाणु हथियार: दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
ईरान ने इस समझौते पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz उन कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है जो ईरान के साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने इस रास्ते में आने वाली किसी भी रुकावट के लिए सीधा अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
बैठक में और किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बीजिंग समिट में सिर्फ तेल की बात नहीं हुई, बल्कि आर्थिक सहयोग बढ़ाने और अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन में मार्केट खोलने पर भी बात हुई। इसके अलावा, चीन द्वारा अमेरिकी खेती के सामानों की खरीद बढ़ाने और फेंटानिल प्रीकर्सर केमिकल्स के बहाव को रोकने पर चर्चा हुई। चीनी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति Xi Jinping ने Trump से ताइवान के मुद्दे पर भी बात की, हालांकि White House ने अपने आधिकारिक बयान में इसका जिक्र नहीं किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz को खुला रखना क्यों जरूरी है?
यह दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहाँ से बड़ी मात्रा में तेल और ऊर्जा की सप्लाई होती है, इसलिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इसे खुला रखना जरूरी है।
चीन ने अमेरिका से तेल खरीदने की बात क्यों की?
चीन चाहता है कि वह अमेरिका से अधिक तेल खरीदे ताकि भविष्य में उसकी Strait of Hormuz के रास्ते पर निर्भरता कम हो सके।
