अमेरिका की राजनीति में इस समय बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बिना अनुमति के मिडिल ईस्ट में युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है। सीनेटर Cory Booker ने कहा है कि वे कांग्रेस में एक प्रस्ताव पेश करेंगे ताकि इस युद्ध को खत्म किया जा सके। विपक्ष का मानना है कि राष्ट्रपति के फैसले अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।

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War Powers Act के नियम और राष्ट्रपति की शक्तियां

अमेरिकी कानून के अनुसार राष्ट्रपति के पास सेना भेजने की कुछ सीमाएं तय की गई हैं। इन नियमों को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा से जुड़ा मामला है:

  • संविधान के आर्टिकल 1 के तहत केवल कांग्रेस को ही युद्ध की घोषणा करने का अधिकार है।
  • राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य कार्रवाई के 48 घंटों के भीतर कांग्रेस को रिपोर्ट देनी होती है।
  • बिना अनुमति के शुरू की गई कार्रवाई को 60 दिनों के भीतर बंद करना पड़ता है।
  • कांग्रेस किसी भी समय वोटिंग के जरिए फौज को वापस बुलाने का आदेश दे सकती है।
  • इन नियमों को 1973 में वियतनाम युद्ध के दौरान बनाया गया था ताकि राष्ट्रपति की शक्तियों पर नजर रखी जा सके।

विपक्ष की तैयारी और ट्रंप प्रशासन पर उठते सवाल

हाउस माइनॉरिटी लीडर Hakeem Jeffries ने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी इस पर चर्चा नहीं करती है, तो वे दूसरे तरीकों से वोटिंग कराएंगे। विपक्षी सांसद Marco Rubio और Pete Hegseth जैसे बड़े अधिकारियों से इस युद्ध पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी युद्धविराम हुआ है, लेकिन डेमोक्रेट्स इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। कई सांसदों ने तो राष्ट्रपति को पद से हटाने तक की मांग कर दी है क्योंकि वे इसे एक खतरनाक युद्ध मान रहे हैं। इस राजनीतिक खींचतान का सीधा असर मिडिल ईस्ट की शांति पर पड़ने की उम्मीद है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.