अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है और नए हथियारों की तैनाती से माहौल गरमा गया है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के हवाले से खबर आई है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध में इस्तेमाल के लिए अपनी ज्यादातर लंबी दूरी की स्टेल्थ मिसाइलों को मोर्चे पर लगा दिया है. 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह संघर्ष अब काफी आधुनिक रूप ले चुका है और इसका सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा पर भी दिखने लगा है.

युद्ध के मैदान में तैनात हुए ये आधुनिक हथियार

अमेरिकी सेना के Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उन्होंने मार्च 2026 में पहली बार Lockheed Martin की Precision Strike Missile (PrSM) का इस्तेमाल किया है. यह मिसाइल 250 मील की दूरी से सटीक हमला करने में सक्षम है. इसके साथ ही अमेरिकी B-52 बॉम्बर्स अब ईरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं, जो भारी मात्रा में क्रूज मिसाइलें दागने की ताकत रखते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी 1 अप्रैल को बयान दिया था कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो चुका है.

  • B-52 बॉम्बर्स के जरिए अमेरिका ने आसमान में अपनी पकड़ मजबूत की है.
  • PrSM मिसाइलें पहली बार युद्ध के मैदान में इस्तेमाल की जा रही हैं.
  • ईरान ने भी एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को गिराने का दावा किया है.
  • ईरानी सेना ने ज़ंजन के पास एक उन्नत स्टेल्थ क्रूज मिसाइल को रोकने की बात कही है.

कुवैत, बहरीन और प्रवासियों पर क्या होगा असर

3 अप्रैल 2026 को ईरान की IRGC ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं. इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं और युद्ध की वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. ईरान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या को और बढ़ा सकते हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पास के दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय खबरों पर नजर रखें.

नीचे दी गई टेबल में हालिया युद्ध गतिविधियों का विवरण दिया गया है:

तारीख प्रमुख घटना स्थान
3 अप्रैल 2026 अमेरिकी F-35 विमान को मार गिराया गया मध्य ईरान
3 अप्रैल 2026 अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमला कुवैत और बहरीन
4 अप्रैल 2026 लॉन्ग रेंज स्टेल्थ मिसाइलों की भारी तैनाती युद्ध क्षेत्र

ईरान और अमेरिका के इस टकराव की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में उड़ानों और आवाजाही पर असर पड़ सकता है. स्टेल्थ मिसाइलों की तैनाती यह संकेत देती है कि अमेरिका अब और भी घातक प्रहार करने की तैयारी में है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.