ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग का असर अब आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है. अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे वहां के लोग काफी परेशान हैं. यह बढ़ोत्तरी सीधे तौर पर ईरान युद्ध और तेल की सप्लाई में आई रुकावट की वजह से हुई है.
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में कितनी बढ़ोत्तरी हुई?
American Automobile Association (AAA) ने बताया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 40% से ज़्यादा बढ़ गई हैं. 28 अप्रैल 2026 तक रेगुलर पेट्रोल की औसत कीमत 4.18 डॉलर प्रति गैलन तक पहुँच गई. यह अप्रैल 2022 के बाद से अब तक की सबसे ज़्यादा कीमत है. इस भारी बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण ईरान में जारी युद्ध और तेल उत्पादन में आई कमी है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पेट्रोल की औसत कीमत | 4.18 डॉलर प्रति गैलन |
| कीमतों में कुल बढ़ोत्तरी | 42% (राष्ट्रीय स्तर पर) |
| पिछला उच्चतम स्तर | अप्रैल 2022 |
| युद्ध की शुरुआत | फरवरी 2026 के अंत में |
| Strait of Hormuz से तेल प्रवाह | दुनिया का करीब 20% |
| डेटा जारी करने वाली संस्था | AAA (American Automobile Association) |
कीमतें बढ़ने की असली वजह और ट्रंप सरकार का फैसला
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे. इसके बाद राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz की समुद्री नाकाबंदी (blockade) करने के निर्देश दिए हैं. इस रास्ते से दुनिया का करीब एक-पाँचवां हिस्सा तेल गुज़रता है. जब इस रास्ते पर पाबंदी लगी तो तेल की सप्लाई कम हो गई और पेट्रोल के दाम बढ़ गए.
रक्षा बजट और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth 29 अप्रैल को कांग्रेस के सामने पेश होंगे. वह 2027 के सैन्य बजट में ड्रोन, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और युद्धपोतों के लिए और ज़्यादा पैसे की माँग करेंगे. वहीं दूसरी ओर UAE ने OPEC से अलग होने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक तेल बाज़ार में और ज़्यादा अस्थिरता पैदा हो गई है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अब अमेरिका को अपनी नीतियां तय नहीं करने देगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका में पेट्रोल के दाम अचानक क्यों बढ़ गए?
ईरान युद्ध और Strait of Hormuz की समुद्री नाकाबंदी की वजह से तेल की सप्लाई कम हो गई, जिससे कीमतों में 42% की बढ़ोत्तरी हुई।
Strait of Hormuz दुनिया के लिए क्यों ज़रूरी है?
यह एक बहुत पतला समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुज़रता है, इसलिए यहाँ रुकावट आने से पूरी दुनिया में तेल महंगा हो जाता है।