अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने को लेकर एक संभावित समझौते (MoU) पर सहमति बनने की खबर आई है। व्हाइट हाउस के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस समझौते पर अपनी आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। इस संभावित डील का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू करना है।
राष्ट्रपति ट्रंप की क्या हैं मुख्य शर्तें?
व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम में बैठक करने वाले हैं। ट्रंप ने साफ किया है कि कोई भी समझौता तभी मंजूर होगा जब वह अमेरिका के हित में हो। ट्रंप की प्रमुख शर्तों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क और बिना किसी रुकावट के जहाजों के लिए तुरंत खोला जाए।
- यूरेनियम को नष्ट करना: ईरान को अपने पास मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को पूरी तरह नष्ट करना होगा।
- परमाणु हथियार पर रोक: यह सुनिश्चित किया जाए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी का अभी इंतजार है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी ट्रंप की इन शर्तों को अमेरिका की मुख्य शर्तें बताया है।
समझौते को लेकर ईरान का क्या है कहना?
दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि अभी तक कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है। ईरान का कहना है कि जब तक समझौते का पूरा मसौदा तैयार नहीं हो जाता, वह इसकी घोषणा नहीं करेगा।
ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान शब्दों के बजाय केवल जमीन पर होने वाले एक्शन को देखकर फैसला करेगा और अपनी तरफ से पहले कदम नहीं उठाएगा। वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन साथ ही देश के परमाणु अधिकारों की रक्षा करने और प्रतिबंधों से राहत की मांग भी उठाई है। इस बातचीत में ओमान भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में शामिल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की डील फाइनल हो गई है?
नहीं, अभी यह केवल एक संभावित समझौता है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार दोनों देश काफी करीब हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी सरकार की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
इस समझौते में ओमान की क्या भूमिका है?
ओमान इस बातचीत के दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर मध्यस्थता के रूप में चर्चा में शामिल रहा है।