व्हाइट हाउस ने ईरान में अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की नौसेना और उसके हथियारों के औद्योगिक आधार को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। पेंटागन और व्हाइट हाउस की रिपोर्ट बताती है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौतों का पालन नहीं हुआ, तो और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं।

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ईरानी सेना और डिफेंस सिस्टम को कितना नुकसान हुआ?

पेंटागन के जनरल डैन केन और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ऑपरेशन के नतीजों की जानकारी साझा की है। अमेरिकी हमलों में ईरान की रक्षा प्रणाली को काफी चोट पहुँची है। मुख्य नुकसान इस प्रकार हैं:

  • ईरान की नियमित नौसेना का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया है।
  • समुद्र में बिछाई गई 95 प्रतिशत से अधिक नेवल माइन्स को खत्म कर दिया गया है।
  • हथियार बनाने वाली लगभग 90 प्रतिशत फैक्ट्रियां, जो ड्रोन और मिसाइल बनाती थीं, अब मलबे में बदल चुकी हैं।
  • मिसाइल सिस्टम से जुड़ी 80 प्रतिशत से ज्यादा सुविधाएं अब पूरी तरह बंद हैं।
  • इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की लगभग आधी हमलावर नावें समुद्र में डूब चुकी हैं।

परमाणु कार्यक्रम और युद्धविराम की मौजूदा स्थिति क्या है?

व्हाइट हाउस ने साफ़ कर दिया है कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) के किसी भी दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अमेरिका का लक्ष्य ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी है, लेकिन यह समझौता काफी नाजुक मोड़ पर है।

विषय स्थिति
परमाणु कार्यक्रम अमेरिका ने संवर्धन को पूरी तरह खारिज किया
युद्धविराम 14 दिनों का समझौता, लेकिन तनाव बरकरार
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के नियंत्रण के दावों के बीच ट्रैफिक में कमी
लेबनान हमला ईरान ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया, अमेरिका का इनकार

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने कहा है कि अमेरिका को युद्ध और युद्धविराम में से किसी एक को चुनना होगा। वहीं, नाटो महासचिव मार्क रुट्टे ने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा हुई है। अमेरिका ने ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने की खबरों को गलत बताया है और कहा है कि इसे किसी भी कीमत पर खुला रखा जाएगा।