America और Iran के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत की कोशिशें शुरू हो गई हैं। वाशिंगटन इस समय नए दौर के वार्तालाप पर चर्चा कर रहा है, ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके और प्रतिबंध हटाए जा सकें। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक बड़े मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हालात पर नज़र रखी जा रही है।
बातचीत कहाँ होगी और क्या है ताजा अपडेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत का दूसरा दौर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने की काफी संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस बातचीत को लेकर काफी सकारात्मक उम्मीद जताई है और इसे शानदार बताया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक किसी तय तारीख की पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत अभी भी जारी है।
अमेरिका की शर्तें और ईरान का रुख क्या है?
अमेरिका इस डील के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को 20 साल तक पूरी तरह रोकना चाहता है। इसके साथ ही परमाणु सुविधाओं को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना टोल के खोलने की मांग की गई है। दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर बातचीत शुरू होने से पहले ही नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान और चीन की इसमें क्या भूमिका है?
पाकिस्तानी फील्ड मार्शल Asim Munir मध्यस्थता के लिए तेहरान पहुँच चुके हैं ताकि दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सके। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप का यह दावा है कि चीन ने ईरान को हथियार न देने पर अपनी सहमति दी है। यह पूरी कवायद 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाले युद्धविराम (ceasefire) से पहले की जा रही है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| संभावित जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| युद्धविराम की तारीख | 22 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी मांग | 20 साल तक परमाणु संवर्धन पर रोक |
| वर्तमान स्थिति | अमेरिकी नौसेना द्वारा बंदरगाहों की नाकाबंदी लागू |
