America और Iran के बीच बातचीत की तारीख तय नहीं, पाकिस्तान करा रहा है बीच-बचाव, Trump बोले जल्द होगा समाधान
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं। फिलहाल अगले दौर की मीटिंग की कोई तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन पाकिस्तान इस मामले में बड़ी भूमिका निभा रहा है। व्हाइट हाउस और पाकिस्तान दोनों तरफ से संकेत मिले हैं कि जल्द ही अगली मुलाकात हो सकती है।
बातचीत की ताजा स्थिति क्या है?
16 अप्रैल 2026 तक अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की बातचीत की कोई तारीख तय नहीं की गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि अभी तारीखों पर फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने बताया कि अगली मीटिंग इस्लामाबाद में होने की पूरी संभावना है और प्रशासन इस डील को लेकर सकारात्मक है।
पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थ का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति प्रयासों के लिए राजनयिक दौरे कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर 16 अप्रैल को ट्रंप प्रशासन का एक खास संदेश लेकर तेहरान पहुंचे। पाकिस्तान ने अगली बातचीत की मेजबानी के लिए इस्लामाबाद का प्रस्ताव दिया है ताकि दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाया जा सके।
दोनों देशों की मुख्य मांगें और शर्तें क्या हैं?
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्तों को लेकर गहरी असहमति है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं को खत्म करे, जबकि ईरान अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम को जारी रखना चाहता है।
| देश/पक्ष | मुख्य मांगें और स्थिति |
|---|---|
| अमेरिका | होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलना |
| अमेरिका | परमाणु संवर्धन सुविधाओं को खत्म करना और यूरेनियम सौंपना |
| अमेरिका | परमाणु संवर्धन पर 20 साल का निलंबन |
| ईरान | नागरिक परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन जारी रखना |
| ईरान | परमाणु संवर्धन पर केवल 5 साल का निलंबन |
| ईरान | अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए नाकाबंदी का विरोध |