अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ता एक बड़े गतिरोध पर पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य कारण ईरान का उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम भंडार बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सामग्री को नष्ट करने या सौंपने की सख्त शर्तें रखी हैं, जबकि ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजेगा। इस महत्वपूर्ण बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

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अमेरिका ने वार्ता के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन ने ईरान के सामने सख्त शर्तें रखी हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते के लिए तीन प्रमुख शर्तें पूरी करनी होंगी। इन शर्तों में ईरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा, परमाणु हथियार बनाने के प्रयासों को छोड़ना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बहाल करना होगा।

अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस यूरेनियम मुद्दे पर शुरुआती प्रतिबद्धता नहीं दिखाता है, तो अमेरिका बातचीत से हट सकता है और सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। ट्रंप ने इस बात पर भी असुविधा जताई है कि यह यूरेनियम रूस या चीन के नियंत्रण में नहीं जाना चाहिए।

ईरान का इस पूरे मुद्दे पर क्या रुख है?

ईरान के अधिकारियों ने यूरेनियम भंडार को देश से बाहर भेजने की खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा है कि तेहरान की अपने संवर्धित यूरेनियम को किसी तीसरे देश या मध्यस्थ को सौंपने की कोई योजना नहीं है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया ने भी कहा है कि उनका देश परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है और वे दुनिया को इस बात का भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत में देश के सम्मान और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईरान के पास कितना यूरेनियम मौजूद है?

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास वर्तमान में लगभग 400 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया गया है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब माना जाता है। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि इस सामग्री का उपयोग करके कई परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। साल 2015 के समझौते के दौरान ईरान ने अपना यूरेनियम रूस भेजा था, लेकिन इस बार ईरान इस विकल्प के खिलाफ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम भंडार है?

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के पास लगभग 400 किलोग्राम यूरेनियम है जो 60% तक संवर्धित है और इसे हथियार-ग्रेड के करीब माना जाता है।

परमाणु समझौते के लिए अमेरिका की मुख्य शर्तें क्या हैं?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपे या नष्ट करे, परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों को छोड़े और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करे।

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?

इस बातचीत में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.