अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव पर अपना जवाब भेजते हुए कुछ ऐसी कड़ी शर्तें रखी हैं जिससे दोनों देशों के बीच मामला और उलझ गया है। इस पूरे विवाद के बीच सैन्य हमले की आशंका भी जताई जा रही है जिससे दुनिया भर में हलचल मची है।

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अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखीं?

ईरानी मीडिया और Fars News Agency के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के सामने 5 मुख्य शर्तें रखी हैं। इसमें सबसे अहम शर्त यह है कि ईरान अपने पूरे देश में केवल एक परमाणु प्लांट ही चालू रख सकता है। इसके अलावा अमेरिका ने साफ किया है कि वह ईरान को किसी भी तरह का मुआवज़ा नहीं देगा। साथ ही ईरान को अपना यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपना होगा और उसकी जमी हुई संपत्ति का केवल एक छोटा हिस्सा ही वापस किया जाएगा।

क्या शर्तें मानने के बाद भी होगा सैन्य हमला?

Arabi21 की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान इन सभी शर्तों को मान भी लेता है, तब भी अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमले का खतरा बना रहेगा। दूसरी तरफ ईरान ने भी बातचीत के लिए अपनी 5 बुनियादी शर्तें रखी हैं। ईरान की मांग है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो, अमेरिका सभी प्रतिबंध हटाए और उसकी सारी जमी हुई संपत्ति वापस की जाए। इसके साथ ही ईरान चाहता है कि अमेरिका Strait of Hormuz पर उसकी पूरी संप्रभुता को मान्यता दे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने परमाणु प्लांट को लेकर क्या शर्त रखी है?

अमेरिका ने शर्त रखी है कि ईरान अपने देश में केवल एक परमाणु सुविधा का संचालन कर सकता है और उसे अपना यूरेनियम स्टॉक सौंपना होगा।

ईरान ने बातचीत शुरू करने के लिए क्या मांग की है?

ईरान ने सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, अपनी जमी हुई संपत्ति वापस लेने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपने पूर्ण अधिकार की मान्यता मांगी है।