अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ा समझौता हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच तनाव को समाप्त करने के लिए तैयार किया गया एक गुप्त समझौता ड्राफ्ट लीक हुआ है। इस लीक हुए ड्राफ्ट में नौ मुख्य बातें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सैन्य संघर्ष को रोकना और राजनयिक बातचीत को फिर से शुरू करना है। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है।

इस लीक ड्राफ्ट में शामिल 9 प्रमुख बातें क्या हैं?

इस लीक हुए समझौते के मसौदे में दोनों देशों के लिए कुछ कड़े नियम और शर्तें तय की गई हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • तुरंत युद्धविराम: दोनों देशों के बीच तुरंत प्रभाव से पूर्ण युद्धविराम लागू किया जाएगा।
  • सैन्य और मीडिया वार पर रोक: सभी प्रकार के सैन्य अभियानों और एक-दूसरे के खिलाफ मीडिया में चलने वाले दुष्प्रचार को रोका जाएगा।
  • 7 दिनों में बातचीत: बचे हुए सभी विवादित मुद्दों पर अगले 7 दिनों के भीतर बातचीत शुरू की जाएगी।
  • प्रतिबंधों में ढील: अगर ईरान इस समझौते का पालन करता है, तो अमेरिका धीरे-धीरे उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगा।
  • अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन: दोनों देश अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का पूरी तरह सम्मान करेंगे।
  • सुरक्षित क्षेत्र: किसी भी सैन्य, नागरिक या आर्थिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
  • संप्रभुता का सम्मान: दोनों देश एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे और संप्रभुता का सम्मान करेंगे।
  • समुद्री रास्तों की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और ओमान की खाड़ी में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
  • निगरानी तंत्र: विवादों को सुलझाने और नियमों के पालन की निगरानी के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी।

नेताओं और अधिकारियों का इस समझौते पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ बातचीत की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विवाद बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और अमेरिका अपने उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहेगा। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना सही नहीं है और इसे कोई भी देश स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच मतभेद पहले से कम हुए हैं। ईरान को पाकिस्तान की तरफ से एक प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है। ईरान के अधिकारियों ने साफ किया कि वे किसी भी तरह के दबाव या समय सीमा को स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं यूएई के अधिकारी गर्गाश ने चेतावनी दी है कि दोनों देशों के बीच दोबारा जंग छिड़ने से क्षेत्र की स्थिति और अधिक जटिल हो जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता पूरी तरह से लागू हो गया है?

नहीं, अभी यह समझौता फाइनल नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है और पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर क्या विवाद है?

अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क वसूलना स्वीकार्य नहीं होगा, जबकि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.