अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की कोशिशें एक बार फिर चर्चा में हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शांति की तलाश में पाकिस्तान और Oman का दौरा किया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने खास दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है, जिससे बातचीत की उम्मीदों को झटका लगा है। अब दुनिया यह देख रही है कि क्या ये दोनों देश किसी समझौते पर पहुँच पाते हैं या तनाव और बढ़ेगा।

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ईरान के विदेश मंत्री का पाकिस्तान और ओमान दौरा क्यों हुआ?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 25 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान का दौरा किया। यहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir से मुलाकात की ताकि संघर्ष को खत्म करने पर बात हो सके। इसके बाद वे Oman गए, जहाँ उन्होंने सुल्तान Haitham bin Tariq Al Said से मुलाकात की।

  • Strait of Hormuz: Oman में हुई बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना था।
  • Moscow यात्रा: पाकिस्तान और ओमान के दौरों के बाद Araghchi अब रूस गए हैं, जहाँ वे राष्ट्रपति Vladimir Putin से मिलेंगे।
  • सुरक्षा इंतज़ाम: Araghchi के पाकिस्तान पहुँचने पर इस्लामाबाद में सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में क्या रुकावटें हैं?

दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने में शर्तों को लेकर बड़ा विवाद है। राष्ट्रपति Donald Trump ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो वे सीधे कॉल कर सकते हैं। लेकिन ईरान की शर्तें अलग हैं।

  • ईरान का रुख: राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ़ किया है कि वे दबाव या धमकी के साये में बातचीत नहीं करेंगे। ईरान चाहता है कि पहले उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी और प्रतिबंध हटाए जाएं।
  • अमेरिका का रुख: Trump प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंध तभी हटेंगे जब ईरान यह साबित करेगा कि वह खतरा नहीं है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोके और संवर्धित यूरेनियम को सौंप दे।
  • दूतों की यात्रा रद्द: Trump ने अपने दूतों Steve Witkoff और Jared Kushner की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी क्योंकि उन्हें ईरान का प्रस्ताव पर्याप्त नहीं लगा।

पाकिस्तान और ओमान इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहे हैं?

पाकिस्तान और ओमान दोनों ही अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ यानी बिचौलिए का काम कर रहे हैं। पाकिस्तान ने 8 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम करवाया था, जिसे बाद में Trump ने अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया था।

  • Oman की भूमिका: ओमान ऐतिहासिक रूप से एक निष्पक्ष मध्यस्थ रहा है और वह दोनों देशों के बीच कूटनीति के जरिए मामला सुलझाने की वकालत कर रहा है।
  • पाकिस्तान का अपडेट: पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने इस्लामाबाद के रेड ज़ोन में लगी पाबंदियां हटा ली हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत की कोई संभावना नहीं दिख रही है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com