अमेरिका के पेंटागन अधिकारी ईरान पर फिर से सटीक हमले करने की वकालत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस कदम से बातचीत के दौरान ईरान को झुकाया जा सकेगा और उससे बड़े समझौते कराए जा सकेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संकेत दिए हैं कि अगर कूटनीति काम नहीं आई तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है।

अमेरिका का नया सैन्य प्लान क्या है?

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पुष्टि की है कि उनके पास एक ‘एस्केलेशन प्लान’ तैयार है। इस योजना में ईरान के बुनियादी ढांचे पर भारी हवाई हमले करना, इस्फ़हान से परमाणु सामग्री जब्त करने के लिए स्पेशल फोर्स का छापा मारना और खार्ग द्वीप पर कब्जा करना शामिल है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्पष्ट कहा है कि ईरान के खिलाफ उनका सैन्य अभियान अभी जारी रहेगा और अगर ईरान ने कोई गलती की तो हमले फिर से शुरू होंगे।

ईरान की प्रतिक्रिया और चीन की भूमिका

ईरान ने इस स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए एक ‘तत्काल व्यापक प्रतिक्रिया योजना’ तैयार की है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और किसी भी हमले की स्थिति में वह अमेरिकी ठिकानों पर भारी और एक साथ गोलाबारी करेंगे। दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने अमेरिका के साथ इस बात पर सहमति जताई है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाने चाहिए और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खुला रखा जाना चाहिए।

मौजूदा सैन्य स्थिति और अपडेट

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट बताती है कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास अपने 33 में से 30 मिसाइल ठिकानों को फिर से चालू कर लिया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, जिसकी वजह से अब तक 75 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। वहीं, CENTCOM कमांडर जनरल ब्रैड कूपर ने दावा किया है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, हालांकि उन्होंने ईरान के स्कूलों पर हमले की खबरों से इनकार किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ईरान पर फिर हमला क्यों करना चाहता है?

पेंटागन अधिकारियों का मानना है कि सटीक हमलों से ईरान की स्थिति कमजोर होगी, जिससे बातचीत के दौरान अमेरिका को बेहतर रियायतें और समझौते मिल सकेंगे।

चीन इस विवाद में क्या स्टैंड ले रहा है?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के साथ सहमति जताई है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए और होर्मुज़ जलडमरूमध्य का रास्ता खुला रहना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.