अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हमलों के बाद ईरान ने इसे सीजफायर का बड़ा उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इस तरह के हमलों का करारा जवाब दिया जाएगा। दूसरी तरफ, दोनों देशों के बीच कतर में युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर बातचीत भी लगातार जारी है।

अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हमले?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर बताया कि उसने सोमवार, 25 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा में हमले किए। अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस के मुताबिक, इन हमलों का मकसद अपने सैनिकों की सुरक्षा करना था। इस कार्रवाई में उन मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नावों को निशाना बनाया गया जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने में कुछ दिन लग सकते हैं, लेकिन शांति की उम्मीद अभी भी बनी हुई है।

ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर धोखेबाज़ी और सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने वाले एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया और एक लड़ाकू विमान को खदेड़ दिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन लगातार क्षेत्रीय नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने इराक के राष्ट्रपति निजार अमिदी और प्रधानमंत्री अली अल-जैदी सहित मिस्र, किर्गिस्तान और मलेशिया के नेताओं से फोन पर बात कर शांति और मुस्लिम देशों की एकता पर जोर दिया है।

तनाव के बीच कतर में शांति वार्ता जारी

भले ही दोनों देशों के बीच हमले और सीजफायर उल्लंघन के दावे किए जा रहे हों, लेकिन कतर में दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी भी चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच 7 अप्रैल 2026 को सीजफायर लागू हुआ था। इस बीच, ईरान में महीनों से बंद इंटरनेट सेवा को भी 26 मई से धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध कब शुरू हुआ था?

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके बाद 7 अप्रैल 2026 को एक अस्थायी सीजफायर लागू किया गया था।

अमेरिकी सेना ने इन हमलों को लेकर क्या सफाई दी है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए थे ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नावों द्वारा बिछाई जा रही बारूदी सुरंगों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को नष्ट किया जा सके।