अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। खबर है कि दोनों देश आज एक वर्चुअल मीटिंग के जरिए एक अहम समझौते (MOU) पर साइन कर सकते हैं। इस डील से न केवल युद्ध रुकने की उम्मीद है, बल्कि दुनिया के व्यापार के लिए अहम रास्ता भी फिर से खुल जाएगा।

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समझौते की मुख्य शर्तें

इस समझौते में कई ऐसी बातें शामिल हैं जिनका सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और शांति पर पड़ेगा। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सीजफायर: युद्ध रोकने के लिए मौजूदा सीजफायर को अगले 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
  • Strait of Hormuz: इस अहम समुद्री रास्ते को सभी जहाजों के लिए बिना किसी टोल के तुरंत खोल दिया जाएगा। 30 दिनों के भीतर यहां शिपिंग को पहले जैसा सामान्य करने का लक्ष्य है।
  • बंदरगाहों की नाकेबंदी: अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी अपनी नाकेबंदी को हटा लेगा।
  • परमाणु कार्यक्रम: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह डील ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेगी, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि शुरुआती दौर में सिर्फ युद्ध खत्म करने पर बात होगी।

कौन लोग हैं इस डील का हिस्सा

इस समझौते को पूरा कराने में कई देशों की बड़ी भूमिका रही है। अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति Donald Trump और उपराष्ट्रपति J.D. Vance बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री Abbas Araghchi और प्रवक्ता Esmaeil Baghaei शामिल हैं।

इस पूरी डील में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ (Mediators) की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस डील को लेकर काफी उम्मीद जताई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी इन बातचीत का स्वागत किया है। हालांकि, इसराइल ने इस डील का विरोध किया है और इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

तारीख को लेकर असमंजस

समझौते पर साइन होने की तारीख को लेकर अभी थोड़ी उलझन बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि यह साइनिंग 14 जून 2026 को होगी। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि यह काम रविवार 14 जून को नहीं होगा, बल्कि आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है।

ईरान ने यह भी साफ किया कि यह MOU सिर्फ आगे की बातचीत के लिए एक ढांचा होगा, इसे अंतिम समझौता नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को उम्मीद है कि अगले 24 घंटों के भीतर यह डील फाइनल हो सकती है।