America और Iran के बीच लंबे समय से चल रही जंग अब खत्म होने की कगार पर है। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश एक फ्रेमवर्क समझौते के करीब पहुँच गए हैं। फिलहाल एक ceasefire (युद्धविराम) लागू है जो 21 या 22 अप्रैल को खत्म होगा, जिसे बढ़ाने के लिए बिचौलिए कोशिश कर रहे हैं।
समझौते में क्या बड़ी बातें शामिल हैं?
President Donald Trump ने उम्मीद जताई है कि युद्ध बहुत जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश जारी रखी, तो कोई डील नहीं होगी। ईरान की ओर से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है ताकि प्रतिबंध हटाए जा सकें और युद्ध पूरी तरह खत्म हो। IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने कहा है कि किसी भी समझौते में परमाणु गतिविधियों की कड़ी जांच जरूरी है।
किन मुद्दों पर अभी भी विवाद बना हुआ है?
बातचीत में सबसे बड़ा रोड़ा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी (blockade) है, जिससे ईरान की 90% अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर नाकाबंदी नहीं हटी तो वे क्षेत्र में व्यापार रोक देंगे। इसके अलावा यूरेनियम enrichment की सीमा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के हालात पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। चीन ने अमेरिका की इस नाकाबंदी की आलोचना की है और इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।
मध्यस्थता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
| संस्था/देश | भूमिका/प्रतिक्रिया |
|---|---|
| Pakistan, Egypt, Turkey | युद्धविराम बढ़ाने और बातचीत कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। |
| Saudi Arabia | शुरुआती युद्धविराम का स्वागत किया और मध्यस्थता प्रयासों का समर्थन किया। |
| China | अमेरिकी नाकाबंदी को गलत बताया और तनाव कम करने की बात की। |
| IAEA | परमाणु गतिविधियों के सत्यापन के लिए विस्तृत उपायों की मांग की। |
