अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ी डील होने वाली है। दोनों देश एक छोटे से ‘वन-पेज’ समझौते (MoU) पर काम कर रहे हैं ताकि युद्ध को रोका जा सके और परमाणु बातचीत का रास्ता साफ हो। इस खबर के बाद ग्लोबल मार्केट में हलचल मची है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है।

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वन-पेज समझौते में क्या शर्तें हो सकती हैं?

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, इस छोटे दस्तावेज़ में कई अहम बातें शामिल हो सकती हैं जिनसे दोनों देशों के बीच शांति बहाल होगी। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान अपने परमाणु संवर्धन (nuclear enrichment) को कम से कम 12 से 15 साल तक रोकने के लिए सहमत हो सकता है।
  • पाबंदियां और फंड: अमेरिका धीरे-धीरे ईरान पर लगी पाबंदियां हटाएगा और ईरान के फ्रीज किए गए अरबों डॉलर उसे वापस देगा।
  • निरीक्षण: UN के इंस्पेक्टर कभी भी ईरान के परमाणु केंद्रों की जांच कर सकेंगे।
  • हथियारों पर रोक: ईरान वादा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही जमीन के नीचे परमाणु सुविधाएं चलाएगा।
  • Strait of Hormuz: अगले 30 दिनों की बातचीत के दौरान इस समुद्री रास्ते पर पाबंदियों को धीरे-धीरे कम किया जाएगा।

अब तक क्या बड़े अपडेट आए हैं?

ताज़ा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ नाम के नौसैनिक ऑपरेशन को फिलहाल रोक दिया है। यह ऑपरेशन Strait of Hormuz में फंसे जहाजों की मदद के लिए था। Trump ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है, इसलिए इसे रोका गया है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि ईरान के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान ‘Operation Epic Fury’ अब खत्म हो चुका है और इसके लक्ष्य पूरे हो चुके हैं।

इस डील में किनकी भूमिका रही?

इस समझौते को तैयार करने में राष्ट्रपति Trump के दूत Steve Witkoff और Jared Kushner मुख्य रूप से काम कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में अहम भूमिका निभाई है। पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों ने ही युद्ध रोकने और ‘Project Freedom’ को रोकने की अपील की थी। अब उम्मीद है कि अगले 48 घंटों में ईरान अपनी अंतिम प्रतिक्रिया देगा, जिसके बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस वन-पेज समझौते का मुख्य उद्देश्य वर्तमान युद्ध को खत्म करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पाबंदियों पर विस्तृत बातचीत शुरू करना है।

परमाणु संवर्धन को लेकर क्या शर्त रखी गई है?

समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु संवर्धन पर 12 से 15 साल का मोराटोरियम (रोक) लगाना होगा, जबकि ईरान ने पहले 5 साल का प्रस्ताव दिया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com