अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी अधिकारियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान हार मान चुका है और वह युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहता है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन दावों को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया है। इसके साथ ही खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई में ड्रोन हमलों के कारण रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

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अमेरिका के शांति प्रस्ताव वाले दावे पर ईरान का जवाब

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यह साफ किया कि उन्होंने कभी सीजफायर या बातचीत की मांग नहीं की है। उन्होंने अमेरिका के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। अरागची ने शांति के लिए अपनी तरफ से तीन मुख्य शर्तें रखी हैं। इनमें युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई, भविष्य में हमले न होने की गारंटी और अमेरिका द्वारा इस युद्ध को अवैध मानना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से अपील की है कि वे अपने देशों से अमेरिकी सेना को बाहर करें क्योंकि उनकी मौजूदगी ही इस क्षेत्र में विवाद की जड़ है।

दुबई और सऊदी अरब में ताज़ा ड्रोन हमलों की स्थिति

इस बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। 16 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी क्षेत्र में 61 ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया है। वहीं, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल स्टोरेज पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है और कर्मचारियों को सुरक्षित जगह जाने को कहा है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और अमेरिकी सेना का कदम

समुद्री रास्तों की बात करें तो ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका और उसके सहयोगी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद रखा है। हालांकि इसे अन्य देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए खुला छोड़ा गया है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने लगभग 2,500 मरीन सैनिकों की नई टुकड़ी भेजी है। अमेरिका ने इस जलमार्ग को खोलने के लिए अन्य देशों से एक गठबंधन बनाने की अपील भी की थी। लेकिन फिलहाल ऑस्ट्रेलिया, जापान और इटली जैसे देशों ने वहां अपने युद्धपोत भेजने से मना कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.