अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को ईरान की सीमा के भीतर अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया गया। इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश युद्ध की स्थिति में है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि विमान गिरने की घटना का ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल अमेरिकी सेना लापता पायलट को ढूंढने में जुटी हुई है।

अमेरिकी विमान गिरने और रेस्क्यू से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को ईरानी सेना ने उनके हवाई क्षेत्र में मार गिराया।
  • विमान में मौजूद दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी है।
  • ईरानी सरकारी मीडिया ने विमान के मलबे की तस्वीरें जारी की हैं और अमेरिकी पायलटों को पकड़ने के लिए इनाम का भी ऐलान किया है।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर भी गोलीबारी हुई है, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हुए हैं।
  • इजरायल ने अमेरिका के बचाव अभियान में मदद के लिए ईरान में जारी अपने हवाई हमलों को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

बातचीत और वर्तमान स्थिति पर क्या बोले अधिकारी

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस पूरे मामले की लगातार जानकारी दी जा रही है। राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि विमान का गिरना बातचीत को प्रभावित नहीं करेगा क्योंकि दोनों देश पहले से ही युद्ध जैसी स्थिति में हैं। दूसरी ओर ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालबाफ ने इस घटना पर अमेरिका का मजाक उड़ाया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार सीजफायर को लेकर होने वाली बातचीत अभी रुक गई है क्योंकि तेहरान ने निर्धारित बैठकों में हिस्सा लेने से मना कर दिया है।

प्रमुख तथ्य जानकारी
विमान का प्रकार F-15E फाइटर जेट
घटना की तारीख 3 अप्रैल 2026
लापता क्रू मेंबर एक (तलाश जारी)
सीजफायर वार्ता फिलहाल रुकी हुई है
ट्रंप का बयान हम युद्ध में हैं
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.