ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक America और Israel ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस समय पूरी दुनिया की नज़रें अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के फैसले पर टिकी हैं कि वे सैन्य हमला करेंगे या पाबंदियां लगाएंगे।

Israel और America युद्ध के लिए कैसे तैयार हो रहे हैं?

Israel के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि वे ईरान के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान के साथ बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। अब सब कुछ Donald Trump के फैसले पर निर्भर है। ट्रंप के पास दो मुख्य विकल्प हैं, पहला है सैन्य कार्रवाई करना जिसे Benjamin Netanyahu चाहते हैं और दूसरा है Strait of Hormuz की नाकाबंदी करना जिसे Project Freedom कहा जा रहा है।

  • CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी चल रही है।
  • इस वजह से अब तक 75 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है।
  • अमेरिका ईरान के ईंधन और ऊर्जा केंद्रों पर टारगेटेड हमले भी कर सकता है ताकि तेहरान दबाव में आए।

ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?

ईरान भी चुप नहीं बैठा है और वह दोबारा युद्ध के लिए खुद को तैयार कर रहा है। ईरान की सेना ने 12 मई को तेहरान प्रांत में अभ्यास किया और Mahshahr Port पर भी ड्रिल की योजना बनाई। ईरान ने अपनी कुछ सैन्य और नागरिक फ्लाइट्स को Pakistan और Afghanistan में भी तैनात किया है।

  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उन्हें अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है।
  • उन्होंने साफ किया कि ईरान तभी बातचीत करेगा जब अमेरिका गंभीर होगा।
  • ईरान ने UAE पर अमेरिका और इसराइल का साथ देने का आरोप लगाया है।

China का क्या स्टैंड है और अन्य देशों पर क्या असर होगा?

China के राष्ट्रपति Xi Jinping और Donald Trump ने बातचीत के दौरान सहमति जताई कि ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz को खुला रखना बहुत ज़रूरी है। वहीं दूसरी तरफ Israel और Lebanon के बीच युद्धविराम (ceasefire) को 45 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है, लेकिन Hezbollah ने ड्रोन हमले कर इस नियम को तोड़ा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ईरान के खिलाफ क्या फैसला ले सकते हैं?

ट्रंप दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। पहला है सैन्य कार्रवाई शुरू करना और दूसरा है ‘Project Freedom’ के तहत Strait of Hormuz की नाकाबंदी करना।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोई उम्मीद है?

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अमेरिका पर भरोसा न होना बातचीत में बड़ी बाधा है। हालांकि, ट्रंप ने 20 साल के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकने के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com