अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी को कड़ा करते हुए अरब सागर में अब तक 109 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है। यह कार्रवाई 27 मई 2026 तक की स्थिति के अनुसार की गई है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा शांति समझौते का मसौदा तैयार होने के दावों को व्हाइट हाउस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे कोरी अफवाह बताया है।

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अमेरिकी सेना ने अरब सागर में क्यों बदले 109 जहाजों के रास्ते?

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 27 मई 2026 तक कुल 109 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है। यह संख्या पिछले दिन की तुलना में एक अधिक है। अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों पर होने वाले व्यापार को पूरी तरह रोकने के लिए काम कर रही है। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों से होने वाले आयात और निर्यात को शून्य करने के लक्ष्य पर काम कर रही है जिससे ईरान पर आर्थिक दबाव बनाया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों के रास्ते में कोई बाधा नहीं डाली जा रही है।

ईरान के शांति समझौते के दावे पर व्हाइट हाउस का क्या है कहना?

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया था कि ईरान और अमेरिका के बीच एक शुरुआती समझौते का मसौदा तैयार हुआ है। इस कथित समझौते के तहत अमेरिका को ईरान के पास से अपनी सेना हटानी थी और समुद्री नाकाबंदी खत्म करनी थी, जिसके बदले ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य यातायात बहाल करता। ईरान के इस दावे में ओमान के साथ मिलकर शिपिंग रूट की निगरानी करने की बात भी कही गई थी। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान के मीडिया में चल रही खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे केवल एक अच्छे समझौते के पक्ष में हैं, अन्यथा कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

क्या अमेरिकी नौसेना कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा दे रही है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी स्पष्ट किया है कि “प्रोजेक्ट फ्रीडम” (Project Freedom) को दोबारा शुरू नहीं किया गया है। अमेरिकी नौसेना अरब सागर या हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों को कोई एस्कॉर्ट या सुरक्षा प्रदान नहीं कर रही है। यह नाकाबंदी पूरी तरह से केवल ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों को रोकने के लिए लागू की गई है। इस नाकाबंदी को सफल बनाने के लिए अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक पोत USS Delbert D. Black और MH-60R Sea Hawk हेलीकॉप्टर लगातार अरब सागर में गश्त कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी कब शुरू की थी?

अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ यह समुद्री नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को शुरू की थी, जिसका उद्देश्य ईरान के बंदरगाहों पर होने वाले आयात-एक्सपोर्ट को पूरी तरह से रोकना है।

क्या अमेरिकी नौसेना सामान्य जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जाने से रोक रही है?

नहीं, अमेरिकी सेना केवल ईरान के बंदरगाहों पर जाने वाले और वहां से आने वाले जहाजों को रोक रही है। जो जहाज अन्य देशों के बंदरगाहों पर जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जा रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com