World News: Amnesty International ने अमेरिका, इसराइल और रूस को बताया ‘शिकारी’, कहा आम लोगों पर किया हमला

Amnesty International की सेक्रेटरी जनरल Agnes Callamard ने अमेरिका, इसराइल और रूस पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इन देशों को ‘लालची शिकारी’ (voracious predators) कहा है। उनका कहना है कि इन देशों ने आम नागरिकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा और दुनिया में मानवाधिकारों के नियमों को पूरी तरह खत्म कर दिया है। यह बयान लंदन में संस्था की सालाना रिपोर्ट के दौरान दिया गया।

किन नेताओं और देशों पर लगे आरोप?

Agnes Callamard ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump, रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का नाम लेकर उन्हें ‘शिकारी’ बताया। उन्होंने कहा कि ये नेता दुनिया में शांति और बातचीत के बजाय युद्ध को बढ़ावा दे रहे हैं। उनके मुताबिक, ये लोग अपनी ताकत और लालच के लिए मानवाधिकारों की नींव को तोड़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों को नहीं मान रहे हैं।

अलग-अलग देशों ने क्या गलतियाँ कीं?

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे अलग-अलग देशों ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया और अन्य सरकारें चुप रहीं। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

देश/संस्था लगाया गया आरोप
United States कानून के शासन को कमजोर करना और वेनेजुएला, कोलंबिया, ईरान और मेक्सिको जैसे देशों में सैन्य कार्रवाई।
Israel गाज़ा में सैन्य अभियान चलाना, जिसे रिपोर्ट में ‘नरसंहार’ (genocide) कहा गया है।
Russia यूक्रेन में मानवता के खिलाफ अपराध, LGBT अधिकारों पर crackdown और म्यांमार में सैन्य मदद।
European Govt इन ‘शिकारी’ देशों के सामने झुकना और डर के कारण चुप्पी साधे रखना।
Spain इस देश ने गाज़ा में इसराइल की कार्रवाई और ईरान पर हमलों की आलोचना की।

रिपोर्ट में और क्या खास बातें हैं?

एम्नेस्टी इंटरनेशनल की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में इन तीनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को उन्होंने एक ‘नया शिकारी विश्व व्यवस्था’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था नस्लभेदी सोच पर आधारित है और इसमें आम इंसानों की कोई कीमत नहीं रह गई है।