अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई की है. कुआलालंपुर जा रहे एक यात्री के पास से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ है. यह सोना बड़ी चालाकी से छिपाकर ले जाया जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान पकड़ा गया.
सोने की बरामदगी और यात्री की गिरफ्तारी
Malaysia Airlines की फ्लाइट MH-119 से सफर कर रहे यात्री की जब तलाशी ली गई, तो अधिकारियों ने 1,676 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद किया. यह सोना एक कड़ा और बिस्किट के रूप में छिपाया गया था. बरामद सोने की कुल कीमत करीब 2.58 करोड़ रुपये बताई जा रही है. कस्टम विभाग ने सोना जब्त कर लिया है और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है.
भारत में सोने को ले जाने के क्या नियम हैं
भारतीय कस्टम नियमों के मुताबिक, विदेश से लौटने वाले यात्री सीमित मात्रा में सोने के गहने ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विदेश में कम से कम एक साल रहना जरूरी है. इसके सामान्य नियम इस प्रकार हैं:
- पुरुष यात्री: अधिकतम 20 ग्राम सोने के गहने, जिसकी कीमत लगभग 50,000 रुपये तक हो, ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं.
- महिला यात्री: अधिकतम 40 ग्राम सोने के गहने, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख रुपये तक हो, ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं.
- गोल्ड बार और सिक्के: सोने के बिस्किट या सिक्कों पर कोई ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलती है और इन्हें डिक्लेयर करना जरूरी है.
- अधिकतम सीमा: एक यात्री अधिकतम 1 किलोग्राम सोना ला सकता है, इससे अधिक होने पर भारी टैक्स देना पड़ता है या सामान जब्त हो सकता है.
कस्टम एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई
सोने की तस्करी के मामलों में कस्टम एक्ट, 1962 के तहत सख्त नियम लागू होते हैं. सेक्शन 135 के तहत तस्करी करने वालों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान है. सेक्शन 111 के तहत तस्करी किए गए सामान को जब्त किया जाता है. नियमों के मुताबिक, अगर ड्यूटी चोरी 50 लाख रुपये से अधिक होती है, तो यह मामला गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या गोल्ड बिस्किट ड्यूटी-फ्री लाया जा सकता है?
नहीं, गोल्ड बिस्किट या सिक्कों पर कोई ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलती है. इन्हें कस्टम अधिकारियों के सामने डिक्लेयर करना अनिवार्य होता है.
ड्यूटी-फ्री सोने के गहने लाने के लिए विदेश में कितनी अवधि रहना जरूरी है?
भारतीय नियमों के अनुसार, ड्यूटी-फ्री सोने के गहने लाने के लिए यात्री का कम से कम एक साल तक विदेश में रहना जरूरी है.
