उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक 9 साल की बच्ची माही का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. माही ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) निधि गुप्ता से किताबों के दाम कम करने की अपील की है क्योंकि उसके पिता भूमिहीन मजदूर हैं और स्कूल की 3100 रुपये की किताबें खरीदना उनके लिए बहुत मुश्किल हो रहा है. इस वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

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अमरोहा प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए?

डीएम निधि गुप्ता ने बच्ची की बात पर संज्ञान लिया जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी रविवार को माही के घर पहुंचे और उसके पिता सोहित के बयान दर्ज किए. खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी अनिल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई भी स्कूल किताबें या ड्रेस तय दाम से ज्यादा पर बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

माही के पिता ने मांग की है कि स्कूलों द्वारा महंगी किताबों और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों का शोषण बंद होना चाहिए. साथ ही दाखिला फीस की भी उचित जांच होनी चाहिए ताकि गरीब परिवारों पर बोझ न पड़े.

देश के अन्य शहरों में स्कूलों की मनमानी पर क्या रोक लगी है?

महंगी किताबों और ड्रेस की समस्या केवल अमरोहा तक सीमित नहीं है. कई अन्य जिलों में भी प्रशासन ने स्कूलों के खिलाफ कड़े नियम लागू किए हैं ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके.

शहर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई या नियम
हल्द्वानी 46 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी, महंगी किताबों के लिए दबाव बनाने का आरोप
सहारनपुर 5 साल तक ड्रेस नहीं बदलेगी, फीस स्ट्रक्चर 3 महीने पहले देना होगा, जबरन किताब बेचने पर FIR की चेतावनी
भिंड कक्षा 1 से 8 तक की किताबों का अधिकतम दाम 800 रुपये से 1200 रुपये तक तय किया गया
सरगुजा NCERT और CBSE पाठ्यक्रम अनिवार्य, निजी प्रकाशकों की किताबें जबरन चलाने पर जुर्माने की चेतावनी
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.