मोकामा विधानसभा सीट पर 2025 के चुनाव नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनंत कुमार सिंह का दबदबा अभी भी ज़िंदा है।
पूरी गिनती के बाद वे 28,206 वोटों के विशाल अंतर से विजयी घोषित हुए।

यह जीत सिर्फ एक सामान्य नतीजा नहीं, बल्कि मोकामा की राजनीति में फिर से अनंत सिंह के लौटने का स्पष्ट संदेश है।


कौन कितना लाया? पूरी गिनती का फुल ब्रेकअप

अंतिम राउंड (26/26) में नतीजे:

  • अनंत कुमार सिंह (JDU) – 91,416 वोट — विजयी

  • वीणा देवी (RJD) – 63,210 वोट — हार

  • प्रियदर्शी पियूष (जन सुराज) – 19,365 वोट

  • AAP, Independents, लोकहित अधिकार पार्टी आदि — 2000 से भी कम वोट

  • NOTA – 4,609 वोट

यह नतीजा साफ बताता है कि मुकाबला मूलतः अनंत सिंह बनाम RJD था, और जनता ने एकतरफा फैसला सुना दिया।


अनंत सिंह की “गर्दा” जीत — क्यों फिर चला उनका जलवा?

1. मोकामा में वर्षों से जमी हुई पकड़

अनंत सिंह सिर्फ नेता नहीं, मोकामा की लोकल राजनीति में एक भावनात्मक चेहरा हैं।
लोग उन्हें “छोटे सरकार” के नाम से बुलाते रहे हैं।
चीरा-बिचरा आधार पर उनका जनमत आज भी मजबूत है।

2. कोर्ट-कचहरी, केस, विवाद — जनता पर असर नहीं

बीते कुछ वर्षों में अनंत सिंह कई कानूनी मामलों और जाँचों का सामना कर चुके हैं,
लेकिन यह बात भी सच है कि मोकामा की जनता उन्हें अपराधी नहीं, “अपना आदमी” मानती है।

उनकी छवि—

“ग़रीब का सहारा, इलाके का कड़क आदमी, और संकट में साथ खड़े रहने वाला नेता”

यह चुनाव में तय कर गया।

3. RJD ने पूरा जोर लगाया, पर असफल

वीणा देवी की उम्मीदवारी RJD की ओर से रणनीतिक थी,
लेकिन नतीजे ने बता दिया कि मोकामा में RJD की पहुँच अभी भी अनंत सिंह के प्रभाव से बहुत पीछे है।

4. जन सुराज का प्रभाव सीमित

प्रियदर्शी पियूष को लगभग 19 हजार वोट मिले,
लेकिन यह संख्या विरोधी वोटों को बाँटने तक ही सीमित रही।
मुख्य लड़ाई अनंत सिंह को कोई चुनौती नहीं दे सकी।


अनंत सिंह की वापसी क्यों बड़ी है?

यह सीट वर्षों से हाई-प्रोफाइल, विवादास्पद और राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है।
अनंत सिंह का फिर से विधायक बनना कई संकेत देता है—

  • मोकामा में उनका जनाधार आज भी अटूट है

  • उनके खिलाफ की गई राजनीतिक कवायद या केस, जनता के वोटों पर असर नहीं डाल सके

  • JDU को भूमि-स्तर पर बड़ी मजबूती मिली

जितना बड़ा अंतर, उतनी बड़ी उनकी राजनीतिक वापसी मानी जा रही है।


आगे क्या? — मोकामा का समीकरण फिर बदलने वाला

इस जीत के बाद यह लगभग तय है कि—

  • मोकामा क्षेत्र में विकास के कई अधूरे काम अब नए सिरे से शुरू होंगे

  • अनंत सिंह विधानसभा में एक बार फिर तेज़, आक्रामक और बेबाक आवाज़ बनेंगे

  • राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह जीत 2027 के बड़े समीकरणों पर भी असर करेगी