अंडमान सागर में एक बड़ा हादसा हुआ है जहाँ शरणार्थियों से भरी एक नाव पलट गई. इस घटना में 280 से ज़्यादा लोग लापता हैं और उनके मारे जाने की आशंका है. यह नाव बांग्लादेश से मलेशिया जा रही थी जिसमें ज़्यादातर रोहिंग्या शरणार्थी सवार थे. अब तक केवल 9 लोगों को ही ज़िंदा बचाया जा सका है.

हादसा कैसे हुआ और क्या थी वजह

यह नाव 4 अप्रैल को दक्षिणी बांग्लादेश के Teknaf से मलेशिया के लिए रवाना हुई थी. करीब 9 अप्रैल को समुद्र में तेज़ हवाओं और खराब मौसम की वजह से यह नाव पलट गई. नाव में क्षमता से ज़्यादा लोग सवार थे जिस वजह से संतुलन बिगड़ गया. बचाए गए लोगों ने बताया कि मानव तस्करों ने उन्हें मलेशिया में नौकरी दिलाने का झूठा वादा कर इस खतरनाक सफर पर भेजा था.

UNHCR और IOM की रिपोर्ट और चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं UNHCR और IOM ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बताया कि साल 2025 रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए सबसे खतरनाक साल रहा है जिसमें करीब 900 लोग समुद्र में लापता हुए या मारे गए. इन संस्थाओं ने दुनिया से अपील की है कि शरणार्थियों की मदद के लिए फंड बढ़ाया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित जीवन मिल सके और उन्हें ऐसे जोखिम भरे सफर न करने पड़ें.

हादसे से जुड़ी अहम जानकारियां

विवरण जानकारी
कुल लापता लोग 280 से ज़्यादा
बचाए गए लोग 9 (3 रोहिंग्या और 6 बांग्लादेशी)
रवाना होने की तारीख़ 4 अप्रैल
हादसे की तारीख़ 9 अप्रैल के करीब
बचाव करने वाला जहाज़ M.T. Meghna Pride (बांग्लादेशी टैंकर)
मुख्य कारण ओवरलोडिंग और खराब मौसम

बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की कि बचे हुए लोगों को बचाया गया है लेकिन यह किसी आधिकारिक सर्च ऑपरेशन का हिस्सा नहीं था क्योंकि हादसा बांग्लादेश की समुद्री सीमा से बाहर हुआ था. बचे हुए लोगों ने बताया कि नाव के अंदर की हालत बहुत खराब थी और उन्हें दम घुटने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.