पाकिस्तान सरकार ने देश में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक नई पॉलिसी को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद दिग्गज कंपनी Apple अब पाकिस्तान में अपने आईफोन बनाने की तैयारी में है। सरकार ने एप्पल की शर्तों को स्वीकार करते हुए उन्हें सस्ती जमीन और बेहतर इंसेंटिव देने का फैसला किया है। यह कदम पाकिस्तान को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में एक क्षेत्रीय केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।

पाकिस्तान में एप्पल की क्या है पूरी योजना?

एप्पल पाकिस्तान में उसी मॉडल पर काम करेगा जो उसने भारत और वियतनाम जैसे देशों में अपनाया था। कंपनी सीधे नए फोन बनाने के बजाय पहले पुराने मॉडल्स पर ध्यान देगी।

  • शुरुआत में 2 से 3 साल पुराने आईफोन मॉडल्स को रिपेयर और रिफर्बिश किया जाएगा
  • इन रिफर्बिश फोन को पाकिस्तान से दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा
  • पहले साल में एक्सपोर्ट से 100 मिलियन डॉलर की कमाई का लक्ष्य रखा गया है
  • धीरे-धीरे कंपनी पाकिस्तान में ही पूरी तरह से फोन की असेंबली शुरू करेगी

टैक्स और सरकारी इंसेंटिव में क्या बदलाव हुए?

सरकार ने मोबाइल कंपनियों को लुभाने के लिए अपनी नीतियों में कई बड़े बदलाव किए हैं। इंजीनियरिंग डेवलपमेंट बोर्ड (EDB) ने इसकी पुष्टि की है कि नई पॉलिसी में एप्पल की मांगों को शामिल किया गया है।

विवरण नया नियम या बदलाव
परफॉरमेंस इंसेंटिव 6% से बढ़ाकर 8% किया गया
iPhone 15 PTA टैक्स 60,000 से घटकर करीब 31,640 रुपये हुआ
iPhone 12 PTA टैक्स घटकर 22,500 रुपये हुआ
लोकल पार्ट्स का इस्तेमाल पहले साल 12% से बढ़ाकर 35% करना होगा

आम जनता और इकोनॉमी पर क्या असर पड़ेगा?

इस फैसले से पाकिस्तान के स्थानीय बाजारों में आईफोन की कीमतों में कमी आने की संभावना है। जब फोन देश के भीतर ही बनेंगे और रिपेयर होंगे, तो इंपोर्ट ड्यूटी का बोझ कम होगा। इसके अलावा, सरकार 1 लाख रुपये से महंगे फोन पर 6% का एक्सपोर्ट लेवी भी लगाएगी, जिसका इस्तेमाल टेक्नोलॉजी के विकास में होगा। चीनी कंपनियों ने भी इस सेक्टर में 557 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए हाथ मिलाया है, जिससे आने वाले समय में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.