नीदरलैंड की मशहूर कंपनी AppyThings ने सऊदी अरब के रियाद में अपना नया ऑफिस AppyThings Arabia शुरू कर दिया है। यह बड़ा कदम 11 मई 2026 को उठाया गया ताकि सऊदी में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूत बनाया जा सके। AppyThings असल में Google Cloud की पार्टनर है और इसका मुख्य काम सुरक्षित और बड़े स्तर की डिजिटल सर्विस देना है जिससे कंपनियों के लिए AI का इस्तेमाल करना आसान हो जाए।

सऊदी अरब में AI को लेकर क्या खास तैयारी है?

सऊदी अरब की सरकार ने 2026 को “Year of Artificial Intelligence” यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साल घोषित किया है। यह बड़ा फैसला 11 मार्च 2026 को लिया गया था और इसे क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के संरक्षण में लागू किया गया है। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) इस पूरे मिशन की कमान संभाल रही है। वहीं, डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी (DGA) ने 22 अप्रैल 2026 को एक रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि सरकारी एजेंसियां नई तकनीक अपनाने में 76.04% तक तैयार हैं। इसमें Generative AI और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर ज़ोर दिया गया है।

AppyThings Arabia का मकसद क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

AppyThings Arabia का मुख्य लक्ष्य सऊदी अरब में AI-नेटिव डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करना है। इससे कंपनियों को अपने काम में AI अपनाने में आसानी होगी और सरकारी सेवाएं भी ज़्यादा सुरक्षित और तेज़ हो जाएंगी। यह पूरा प्रोजेक्ट सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों के साथ मिलकर काम करेगा। कंपनी का मानना है कि तकनीक को ज़रूरत के हिसाब से आसानी से जोड़ा जा सकेगा। AppyThings साल 2024 से ही मिडिल ईस्ट, तुर्की और अफ्रीका (META) क्षेत्र में अपना विस्तार कर रही है, जिसमें रियाद और दुबई जैसे शहरों में बड़ा निवेश किया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

AppyThings Arabia की शुरुआत कब और कहाँ हुई?

AppyThings Arabia की शुरुआत 11 मई 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई।

सऊदी अरब में AI को बढ़ावा देने के लिए कौन सी संस्थाएं काम कर रही हैं?

सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) और डिजिटल गवर्नमेंट अथॉरिटी (DGA) इस दिशा में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।