सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और पाकिस्तान सहित कई अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने इजराइली मंत्री इटामार बेन-गवीर की हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा की है। गाजा जा रहे सहायता बेड़े के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद उनके साथ किए गए बर्ताव को लेकर इन देशों ने साझा बयान जारी किया है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्री के खिलाफ क्या कहा?

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और कतर के विदेश मंत्रियों ने 24 मई 2026 को एक साझा बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि इजराइली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटामार बेन-गवीर द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को सरेआम अपमानित करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। मंत्रियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसे उकसावे वाले काम शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन देशों ने मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

हिरासत में कार्यकर्ताओं के साथ क्या हुआ था?

Global Sumud Flotilla के तहत गाजा में राहत सामग्री पहुंचाने जा रहे कार्यकर्ताओं को इजराइल ने हिरासत में लिया था। हिरासत से छूटे कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

  • कार्यकर्ताओं ने गंभीर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
  • कुछ कार्यकर्ताओं को वापस उनके देश भेज दिया गया है, जहां उन्होंने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी दी।
  • इस घटना के बाद फ्रांस ने इजराइली मंत्री बेन-गवीर के अपने देश में आने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
  • पोलैंड ने भी इस मामले के बाद इजराइली मंत्री पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है।

हालांकि, दूसरी तरफ इजराइली सेना और जेल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इन्हें पूरी तरह झूठा बताया है। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मंत्री के बयानों को देश के मूल्यों के खिलाफ बताया था और कार्यकर्ताओं को वापस भेजने का आदेश दिया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इजराइली मंत्री इटामार बेन-गवीर पर किन देशों ने प्रतिबंध लगाया है?

फ्रांस ने इस मामले के बाद इटामार बेन-गवीर के अपने क्षेत्र में प्रवेश पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि पोलैंड ने उन पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया है।

साझा बयान में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इस साझा विरोध पत्र को जारी करने वाले मुख्य देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और कतर शामिल हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.