ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सऊदी अरब के ‘Widian’ और कतर के ‘Al-Rikayat’ तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद अरब देशों के गृहमंत्रियों की काउंसिल ने ईरान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक खतरनाक कदम बताया है जिससे अंतरराष्ट्रीय शांति और व्यापार को खतरा हो सकता है।
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ट्यूनिस में हुई मीटिंग के दौरान काउंसिल ने कहा कि ईरान का यह रवैया पूरी तरह से अपराधी जैसा है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्तों के सिद्धांतों के खिलाफ है। काउंसिल ने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें समुद्री रास्तों की सुरक्षा और दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं।
काउंसिल ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है। उन्होंने साफ किया कि ये देश अपनी सुरक्षा, जमीन और नागरिकों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएंगे, उनमें उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा।
इस घटना से पहले 8 जुलाई को सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, UAE, मिस्र, जॉर्डन और यमन ने भी अलग-अलग बयान जारी कर ईरान की आलोचना की थी। इसी बीच कतर के विदेश मंत्रालय ने दोहा में ईरान के डिप्टी एंबेसडर को बुलाकर उन्हें आधिकारिक तौर पर विरोध नोट सौंपा है।
